बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ा.. पक्षियों की मौत के बाद प्रशासन अलर्ट, लोगों को सावधानी बरतने की सलाह

कई इलाकों में पक्षियों की अचानक मौत के बाद बर्ड फ्लू को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है. प्रशासन ने पोल्ट्री फार्म, बाजारों और वन क्षेत्रों में निगरानी तेज करने के निर्देश दिए हैं. लोगों से बीमार या मरे पक्षियों से दूर रहने और सावधानी बरतने की अपील की गई है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 9 Feb, 2026 | 08:25 PM

Bird Flu: सर्दियों के मौसम में जब लोग चिकन और अंडे खाने का ज्यादा आनंद लेते हैं, उसी समय बर्ड फ्लू जैसी बीमारी की खबरें चिंता बढ़ा देती हैं. कई जगहों पर कौवों और पक्षियों की अचानक मौत के मामले सामने आने के बाद तमिलनाडु प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है. लोगों से अपील की जा रही है कि घबराएं नहीं, लेकिन सावधानी जरूर बरतें. विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी जागरूकता और साफ-सफाई से इस बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

पक्षियों की मौत के बाद बढ़ी निगरानी

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार तमिलनाडु के कई इलाकों में कौवों और अन्य पक्षियों की मौत की खबरों के बाद पशुपालन विभाग  ने बर्ड फ्लू को फैलने से रोकने के लिए एडवाइजरी जारी की है. फील्ड स्टाफ और पशु चिकित्सा टीमों को जिलों में निगरानी तेज करने के निर्देश दिए गए हैं. घरेलू पोल्ट्री और जंगली पक्षियों में अचानक बीमारी या मौत के मामलों पर खास नजर रखी जा रही है. वन क्षेत्रों में भी पक्षियों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी किया गया है, ताकि संक्रमण फैलने से पहले ही स्थिति को नियंत्रित किया जा सके.

पोल्ट्री फार्म और बाजारों में सख्ती

तमिलनाडु प्रशासन ने पोल्ट्री फार्म संचालकों को बायोसिक्योरिटी नियमों का सख्ती से पालन करने को कहा है. फार्म में बाहरी लोगों के प्रवेश को सीमित करने और साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दी गई है. जीवित पक्षियों के बाजारों  और वेट मार्केट में भी विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है. सीमावर्ती इलाकों में पोल्ट्री और उससे जुड़े उत्पादों की आवाजाही पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि संक्रमण फैलने का खतरा कम हो सके. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों का कहना है कि अगर फार्म स्तर पर सावधानी बरती जाए, तो बीमारी के फैलने  की संभावना काफी कम हो जाती है.

लोगों के लिए जारी की गई सावधानियां

तमिलनाडु स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बीमार या मरे हुए पक्षियों  के संपर्क में आने से बचें. अगर किसी कारण से पक्षियों को संभालना जरूरी हो, तो दस्ताने का इस्तेमाल करें और बाद में हाथ अच्छी तरह धो लें. स्थानीय बूचड़खानों में काम करने वाले लोगों और पोल्ट्री से जुड़े काम करने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. अगर किसी व्यक्ति को खांसी, जुकाम, बुखार या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने को कहा गया है. मरे हुए पक्षियों को खुले में छोड़ने के बजाय उन्हें सुरक्षित तरीके से नष्ट करने की सलाह दी गई है.

जागरूकता और तैयारी पर जोर

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रशासन ने बर्ड फ्लू के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए सूचना अभियान चलाने की भी तैयारी की है. जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए जरूरी उपकरण और व्यवस्था तैयार रखें. विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर जानकारी और सतर्कता से इस तरह की बीमारियों को फैलने से रोका जा सकता है. लोगों को अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की सलाह दी जा रही है. अगर सावधानी और निगरानी इसी तरह जारी रही, तो बर्ड फ्लू के खतरे को नियंत्रित करना आसान हो सकता है. यही कारण है कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग दोनों मिलकर लोगों को जागरूक करने और स्थिति पर नजर बनाए रखने में जुटे हैं.

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Published: 9 Feb, 2026 | 08:25 PM

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