यूपी सरकार का बड़ा फैसला.. अब मछलियों का भी होगा बीमा! 5 लाख रुपये तक मिलेगा सुरक्षा कवच

उत्तर प्रदेश में पहली बार मछलियों का बीमा शुरू किया गया है. बाढ़, बारिश या बीमारी से नुकसान होने पर आर्थिक मदद मिलेगी. साथ ही मत्स्य पालकों को 5 लाख रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा भी मिलेगा. विभिन्न योजनाओं के लिए 31 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं.

Saurabh Sharma
नोएडा | Updated On: 19 Jul, 2026 | 11:44 AM

Uttar Pradesh Fish Insurance Scheme: उत्तर प्रदेश सरकार ने मत्स्य पालन को सुरक्षित और लाभकारी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. अब राज्य में पहली बार फसल बीमा की तर्ज पर मछलियों का भी बीमा कराया जाएगा. इसके साथ ही मत्स्य पालकों के लिए व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा की सुविधा भी शुरू की गई है. सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से मछलियों की बीमारी, बाढ़, अत्यधिक बारिश जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई हो सकेगी और मत्स्य पालकों का निवेश सुरक्षित रहेगा. इसी के साथ मत्स्य विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की विभिन्न योजनाओं के लिए 31 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं.

डिजिटल तरीके से होगा मछलियों का बीमा

मत्स्य विभाग के अनुसार मछलियों का बीमा पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा. इसके लिए विभाग ने यूपी फिश फार्मर  ऐप तैयार किया है. इसी ऐप के माध्यम से बीमा के लिए आवेदन किया जाएगा. बाढ़, अत्यधिक वर्षा, विभिन्न बीमारियों या अन्य निर्धारित कारणों से मछलियों की मृत्यु होने पर तय नियमों के अनुसार बीमा दावा स्वीकार किया जाएगा. आवेदन से लेकर सत्यापन और क्लेम की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और लाभार्थियों को समय पर सुविधा मिल सकेगी.

5 लाख रुपये तक मिलेगा व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा

मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत केवल मछलियों का ही नहीं, बल्कि मत्स्य पालकों का भी बीमा किया जाएगा. योजना के तहत पात्र मत्स्य पालकों को बीमा अवधि के दौरान दुर्घटना या अन्य निर्धारित परिस्थितियों में अधिकतम 5 लाख रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा उपलब्ध  कराया जाएगा. इससे मत्स्य पालकों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी. विभाग का कहना है कि बीमा सुविधा मिलने से अधिक लोग मत्स्य पालन से जुड़ेंगे और इस क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा.

योजना का लाभ लेने के लिए कौन है पात्र

मत्स्य विभाग ने बताया कि योजना का लाभ केवल उन्हीं मत्स्य पालकों  को मिलेगा, जिनका पंजीकरण मत्स्य विभाग में होगा. लाभार्थियों का चयन विभागीय नियमों के अनुसार किया जाएगा. विभाग का अनुमान है कि राज्य के हजारों मत्स्य पालकों को इस नई सुविधा का लाभ मिलेगा. बीमा व्यवस्था से प्राकृतिक आपदा, बीमारी और अन्य जोखिमों की स्थिति में आर्थिक सहायता मिल सकेगी, जिससे मत्स्य पालन को अधिक सुरक्षित और जोखिम मुक्त बनाया जा सकेगा.

31 जुलाई तक करें आवेदन, इन योजनाओं का मिलेगा लाभ

मत्स्य विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कई योजनाओं में आवेदन आमंत्रित किए हैं. इनमें मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, सघन मत्स्य पालन हेतु एरेशन सिस्टम स्थापना योजना, मोपेड विद आइस बॉक्स परियोजना, माता यशोदा महिला मत्स्य पालक सशक्तिकरण परियोजना, श्रेणी-1, 2 एवं 3 के जलाशयों में केज स्थापना, अंतर्देशीय खारे जल क्षेत्रों में नए तालाब निर्माण एवं प्रथम वर्ष निवेश, उत्तर प्रदेश मोती संवर्धन योजना तथा विशिष्ट प्रजाति की मत्स्य हैचरी स्थापना योजना शामिल हैं.

विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक योजना के लिए अलग-अलग ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा. परियोजना की इकाई लागत, पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी विभागीय पोर्टल  पर उपलब्ध है. जिन आवेदकों के आवेदन पिछले वर्षों में निरस्त हो गए थे या प्रतीक्षा सूची में थे, वे भी दोबारा आवेदन कर सकते हैं. इच्छुक मत्स्य पालक 31 जुलाई 2026 तक मत्स्य विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं. अधिक जानकारी के लिए संबंधित सहायक निदेशक (मत्स्य) कार्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है.

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Published: 19 Jul, 2026 | 11:43 AM

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