खेती के साथ मुर्गीपालन कर किसान ने बनाया कमाई नया जरिया, 80 हजार रुपये मुनाफा बढ़ा

Success Story: सरकारी योजना और सही मार्गदर्शन ने एक किसान की जिंदगी पूरी तरह बदल दी. छोटे से ऋण से शुरू हुआ मुर्गी पालन आज अच्छी कमाई का जरिया बन चुका है. ये सफलता उन किसानों के लिए प्रेरणा है, जो कम निवेश में स्वरोजगार शुरू कर अपनी आय बढ़ाना चाहते हैं.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 28 Jun, 2026 | 12:35 PM

Poultry Farming: सरकारी योजनाएं सही समय पर सही व्यक्ति तक पहुंच जाएं, तो वे किसी की जिंदगी बदल सकती हैं. इसकी एक शानदार मिसाल छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के भोपालपटनम विकासखंड के ग्राम उल्लूर निवासी सदाशिव कुरगुड़ हैं. कभी अतिरिक्त आय के लिए संघर्ष करने वाले सदाशिव आज मुर्गी पालन से हर साल करीब 80 हजार रुपये का शुद्ध लाभ कमा रहे हैं. उनकी सफलता यह साबित करती है कि छोटे स्तर से शुरू किया गया व्यवसाय भी मेहनत और सही मार्गदर्शन से बड़ी सफलता दिला सकता है.

30 हजार रुपये के लोन से शुरू हुआ नया सफर

सदाशिव कुरगुड़ पहले खेती पर ही पूरी तरह निर्भर थे. खेती से होने वाली आय परिवार की सभी जरूरतें पूरी करने के लिए पर्याप्त नहीं थी. ऐसे में वे कोई अतिरिक्त रोजगार शुरू करना चाहते थे, लेकिन आर्थिक तंगी सबसे बड़ी बाधा थी. इसी दौरान उन्हें पशुधन विकास विभाग  की किसान क्रेडिट कार्ड योजना की जानकारी मिली. विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन से उन्होंने आवेदन किया और बैंक के माध्यम से 30 हजार रुपये का ऋण प्राप्त किया. इसी राशि से उन्होंने मुर्गी पालन का छोटा व्यवसाय शुरू किया. चूजे खरीदे, उनके लिए आहार और जरूरी व्यवस्थाएं कीं और पूरी लगन से काम में जुट गए.

तकनीकी सलाह ने बढ़ाई सफलता की रफ्तार

शुरुआत के बाद सदाशिव को पशुधन विकास विभाग से समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन भी मिलता रहा. उन्होंने मुर्गियों की देखभाल, संतुलित आहार और बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया. इसका नतीजा यह रहा कि उनका व्यवसाय लगातार बढ़ता गया. आज मुर्गी पालन से उन्हें हर साल करीब एक लाख रुपये की आय होती है, जिसमें लगभग 80 हजार रुपये का शुद्ध लाभ मिलता है. इस अतिरिक्त कमाई से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से काफी मजबूत हुई है और अब वे आत्मनिर्भर जीवन जी रहे हैं.

अब बड़ा पोल्ट्री फार्म बनाने का है सपना

सदाशिव कुरगुड़ का कहना है कि सरकारी योजना ने उन्हें सिर्फ आर्थिक मदद ही नहीं दी, बल्कि आत्मविश्वास भी दिया. अब उनका सपना एक आधुनिक और बड़ा पोल्ट्री फार्म  स्थापित करने का है, जिससे वे अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकें और अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर दे सकें. वे अन्य किसानों और ग्रामीण युवाओं से भी अपील करते हैं कि सरकारी योजनाओं की जानकारी लें और उनका लाभ उठाकर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाएं.

दूसरे किसानों के लिए बनी प्रेरणा+

पशुधन विकास विभाग की योजनाएं ग्रामीण युवाओं और किसानों  को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं. सदाशिव कुरगुड़ की कहानी बताती है कि यदि सही योजना, समय पर आर्थिक सहायता और मेहनत का साथ मिल जाए, तो छोटी शुरुआत भी बड़ी सफलता में बदल सकती है. यह सफलता उन सभी किसानों और युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने का सपना देखते हैं.

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