सहकारिता के लिए गेम चेंजर बना Budget 2026! किसानों और ग्रामीणों को मिलेगा पैसा और रोजगार में बूस्ट

केंद्रीय बजट 2026-27 में सहकारिता क्षेत्र को मजबूती देने के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं. टैक्स छूट, निवेश प्रोत्साहन और प्राथमिक सहकारी समितियों को नई राहत से किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को सीधा लाभ मिलेगा. सहकार से समृद्धि की सोच को यह बजट नई दिशा देता है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 1 Feb, 2026 | 03:14 PM

Budget 2026-27 : बजट ने सहकारिता क्षेत्र में नई जान फूंक दी है. बजट पेश होते ही सहकारी संस्थाओं, किसानों और ग्रामीण उद्यमियों के बीच इसे लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है. संसद में बजट पेश करते हुए केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने सहकारिता को मजबूत करने के लिए कई अहम घोषणाएं कीं. इन फैसलों को लेकर राष्ट्रीय सहकारी संघ (NCUI) के अध्यक्ष दिलीप संघानी (Dilip Sanghani) ने कहा कि यह बजट सहकार से समृद्धि के संकल्प को और सुदृढ़ करता है और देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देगा.

सहकार से समृद्धि को मिला मजबूत आधार

राष्ट्रीय सहकारी संघ (NCUI) के अध्यक्ष दिलीप संघानी ने कहा कि बजट 2026 सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने वाला है. इससे गांवों में काम कर रही सहकारी समितियों को मजबूती मिलेगी और किसानों को सीधा लाभ पहुंचेगा. सहकारिता के जरिए ग्रामीण इलाकों में रोजगार, सस्ती वित्तीय सेवाएं और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा. यह बजट सहकारी ढांचे को नई दिशा देने वाला साबित होगा.

NAFSCOB की सिफारिशों को अहमियत

ग्रामीण सहकारिता को मजबूती देने के लिए नाफस्कोब (NAFSCOB) के जरिए ग्रामीण सहकारी बैंकों (RCBs) और प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) के लिए वित्तीय स्थिरता और स्वायत्तता को लेकर की गई सिफारिशों को सराहा गया है. NCUI के अध्यक्ष ने कहा कि इन कदमों से सहकारी बैंकों की स्थिति मजबूत होगी. इससे ग्रामीण ऋण व्यवस्था बेहतर बनेगी और किसानों व ग्रामीण उद्यमियों तक आसान और भरोसेमंद वित्तीय पहुंच सुनिश्चित होगी.

प्राथमिक सहकारी समितियों को नई राहत

केंद्रीय बजट 2026-27 में प्राथमिक सहकारी समितियों  के लिए कई प्रोत्साहनों का प्रस्ताव किया गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि अब प्राथमिक सहकारी समितियों को अनुमति प्राप्त कटौती में उनके सदस्यों द्वारा उत्पादित पशुचारा और कपास के बीज की आपूर्ति को भी शामिल किया जाएगा. अभी तक यह सुविधा दूध, तिलहन, फल और सब्जियों की आपूर्ति तक सीमित थी. इससे पशुपालकों और बीज उत्पादक किसानों को सीधा फायदा मिलेगा.

इंटर-कोऑपरेटिव डिविडेंड पर ऐतिहासिक छूट

वित्त मंत्री ने नई कर व्यवस्था (New Tax Regime) के तहत इंटर-कोऑपरेटिव डिविडेंड पर बड़ी राहत का प्रस्ताव रखा है. अगर सहकारी समितियां अपनी लाभांश आय को आगे अपने सदस्यों में बांटती हैं, तो उस पर कर कटौती की अनुमति दी जाएगी. NCUI के अध्यक्ष ने इसे सहकारिता क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय बताया है.

राष्ट्रीय सहकारी संघों को अतिरिक्त समर्थन

राष्ट्रीय सहकारी संघों को समर्थन देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण  ने एक और अहम घोषणा की. इसके तहत किसी अधिसूचित राष्ट्रीय सहकारी संघ  31 जनवरी 2026 तक कंपनियों में किए गए निवेश पर प्राप्त लाभांश आय को तीन वर्षों तक कर छूट दी जाएगी. शर्त यह होगी कि यह लाभांश आगे सदस्य सहकारी समितियों में वितरित किया जाए. इससे सहकारी संघों को निवेश के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और पूरा सहकारी तंत्र मजबूत होगा.

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