किसानों की बल्ले-बल्ले! यूपी में गेहूं का MSP 160 रुपये बढ़ा, 1 मार्च से शुरू होगी खरीदी

उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर है. सरकार ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 160 रुपये की बढ़ोतरी की है. अब गेहूं 2585 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से खरीदा जाएगा. सरकारी खरीद एक मार्च से शुरू होगी और भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया जाएगा.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 31 Jan, 2026 | 06:29 PM

UP Wheat MSP: रबी की फसल तैयार होने ही वाली है और इसी बीच उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए सरकार ने बड़ी खुशखबरी दे दी है. इस बार गेहूं बेचने पर किसानों को पहले से ज्यादा दाम मिलेंगे. उत्तर प्रदेश सरकार ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP में 100 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी कर दी है. अब किसानों को अपनी मेहनत का बेहतर दाम मिलेगा और आमदनी बढ़ने की उम्मीद भी मजबूत हुई है. सरकार के इस फैसले से न सिर्फ गेहूं, बल्कि जौ, चना, मसूर और सरसों उगाने वाले किसानों को भी फायदा होगा. सभी प्रमुख रबी फसलों के दाम बढ़ाए गए हैं, जिससे किसानों में नई उम्मीद जगी है.

गेहूं का MSP बढ़ा, किसानों की कमाई बढ़ेगी

सरकार ने इस साल गेहूं के समर्थन मूल्य  में 160 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल गेहूं का MSP 2425 रुपये था, जो अब बढ़कर 2585 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है. इसका सीधा फायदा किसानों को मिलेगा. बाजार में दाम चाहे जैसे भी हों, सरकारी खरीद केंद्रों पर गेहूं बेचने पर किसानों को तय MSP मिलेगा. इससे उन्हें बिचौलियों के चक्कर में नहीं पड़ना पड़ेगा और फसल का सही दाम मिलेगा.

एक मार्च से शुरू होगी खरीद, 70 केंद्र तैयार

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में एक मार्च से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू  कर दी जाएगी. इसके लिए लगभग 70 खरीद केंद्र बनाए जाएंगे, ताकि किसानों को ज्यादा दूर न जाना पड़े और आसानी से गेहूं बेचा जा सके. हालांकि आमतौर पर मंडियों में गेहूं की आवक अप्रैल के पहले हफ्ते से शुरू होती है, लेकिन सरकार ने इस बार पहले ही तैयारी कर ली है. खरीद केंद्र समय से खुलने से किसानों को सुविधा मिलेगी और फसल बेचने में कोई देरी नहीं होगी.

48 घंटे में मिलेगा पैसा, सीधे खाते में

सरकार ने भुगतान व्यवस्था  को भी आसान और पारदर्शी बना दिया है. किसानों को गेहूं बेचने के बाद 48 घंटे के भीतर पैसा सीधे उनके बैंक खाते में भेज दिया जाएगा. यह भुगतान पीएफएमएस (PFMS) के जरिए होगा. किसानों से कहा गया है कि वे समय रहते अपने आधार से जुड़े बैंक खातों को अपडेट करा लें, ताकि भुगतान में कोई रुकावट न आए. अगर किसान खुद केंद्र पर मौजूद नहीं हो पाता है, तो परिवार के नामित सदस्य का विवरण पंजीकरण में दर्ज कराना भी जरूरी होगा.

अन्य रबी फसलों के दाम भी बढ़े

सरकार ने सिर्फ गेहूं ही नहीं, बल्कि अन्य रबी फसलों  के MSP में भी अच्छी बढ़ोतरी की है. इससे अलग-अलग फसल उगाने वाले किसानों को भी फायदा मिलेगा.

नई दरों के अनुसार:-

  • जौ:- 1980 से बढ़कर 2150 रुपये (170 रुपये की बढ़ोतरी)
  • चना:- 5650 से बढ़कर 5875 रुपये (225 रुपये की बढ़ोतरी)
  • मसूर:- 6700 से बढ़कर 7000 रुपये (300 रुपये की बढ़ोतरी)
  • सरसों:- 5950 से बढ़कर 6200 रुपये (250 रुपये की बढ़ोतरी)

इन बढ़े हुए दामों से किसानों को ज्यादा मुनाफा मिलेगा और वे आने वाले सीजन में खेती में ज्यादा निवेश कर पाएंगे.

किसानों के लिए क्यों अहम है यह फैसला

पिछले साल जिले में करीब तीन लाख क्विंटल से ज्यादा गेहूं की खरीद  हुई थी. इस बार सरकार का लक्ष्य है कि जो भी लक्ष्य मिले, उसे पूरी तरह पूरा किया जाए. इसके लिए वारदाना और अन्य व्यवस्थाएं भी समय पर की जा रही हैं. कुल मिलाकर, MSP बढ़ाने और समय से खरीद शुरू करने का यह फैसला किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है. इससे न सिर्फ उनकी आमदनी बढ़ेगी, बल्कि खेती को लेकर उनका भरोसा भी मजबूत होगा. सरकार के इस कदम को किसान हित में एक मजबूत पहल माना जा रहा है.

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