उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने काशीपुर के पैगा निवासी किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले में 26 आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी और राज्य सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा है. साथ ही कोर्ट ने आरोपियों को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है. न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकल पीठ ने सरकार और निजी पक्षकारों को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में जवाब देने को कहा है. याचिकाकर्ताओं के वकील ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक और FIR रद्द करने की मांग की थी, यह बताते हुए कि उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है. राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) बनाया गया है.
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जस्टिस आशीष नैथानी की वेकेशन बेंच ने मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल तय की. जिले के पैगा गांव के रहने वाले सुखवंत सिंह ने कथित तौर पर 11 जनवरी की सुबह नैनीताल जिले के हल्द्वानी में एक होटल के कमरे में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी. सुखवंत के भाई परविंदर सिंह ने बाद में कथित आत्महत्या के संबंध में छह महिलाओं समेत 26 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और पुलिस ने मामला दर्ज किया. इसके बाद, उधम सिंह नगर जिले के रहने वाले आरोपी कुलविंदर सिंह और अन्य ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने और उनके खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने की मांग की.
याचिकाकर्ताओं ने इस तरह का दिया तर्क
याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है और उनके बीच कोई विवाद नहीं है. आत्महत्या करने से पहले सुखवंत सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि एक जमीन के सौदे में उनके साथ लगभग 4 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है और पुलिस ने उनकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय कथित धोखेबाजों का साथ दिया. वीडियो और मृतक के भाई की शिकायत के आधार पर, काशीपुर के ITI पुलिस स्टेशन में 26 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.
26 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया
बता दें कि इस मामले में पुलिस के ऊपर भी गाज गिरी थी. एस नगर के एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने कड़ी कार्रवाई करते हुए आईटीआई कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह रौतेला और उपनिरीक्षक प्रकाश बिष्ट को सस्पेंड कर दिया है. इसके अलावा पैगा चौकी के प्रभारी जितेंद्र कुमार, उपनिरीक्षक सोमवीर सिंह और सिपाही भूपेंद्र सिंह, दिनेश तिवारी, मुख्य आरक्षी शेखर बनकोटी, सुरेश चंद्र, योगेश चौधरी, राजेंद्र गिरी, दीपक प्रसाद और संजय कुमार को लाइन हाजिर किया गया है. मामले की जांच एसपी निहारिका तोमर को सौंपी गई है. एसएसपी ने कहा कि लापरवाही के चलते ये कार्रवाई की गई है.