Today Weather: देश के ज्यादातर हिस्सों में इन दिनों मौसम ने करवट ले ली है. जहां एक तरफ गर्मी धीरे-धीरे बढ़नी शुरू हुई थी, वहीं अचानक बदलते मौसम ने तापमान पर ब्रेक लगा दिया है. सूरज और बादलों के बीच चल रही आंख-मिचौली से लोगों को राहत जरूर मिली है, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ गई है. मौसम विभाग के मुताबिक, 26 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर देश के कई हिस्सों में देखने को मिलेगा.
उत्तर भारत में बदलेगा मौसम का रुख
उत्तर भारत में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के ऊंचाई वाले इलाकों में बादल छाए रहेंगे और बारिश-बर्फबारी की संभावना है.
वहीं, इसका असर मैदानी राज्यों जैसे दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भी दिखाई देगा. यहां तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा) चल सकती हैं और कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि होने का खतरा है.
दिल्ली-एनसीआर में सुहावना मौसम, लेकिन खतरा बरकरार
दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से मौसम सुहावना बना हुआ है. दिन में हल्की धूप निकल रही है, लेकिन तेज गर्मी का असर नहीं है. मौसम विभाग के अनुसार, 26 मार्च से यहां भी मौसम बदलेगा और 29 मार्च तक रुक-रुक कर बारिश, आंधी और ओलावृष्टि हो सकती है. तापमान में गिरावट आने से लोगों को राहत मिलेगी, साथ ही प्रदूषण स्तर भी कम होने की संभावना है.
IMD Weather Warning
Due to two Western Disturbances, isolated to scattered rainfall/snowfall with thunderstorm, lightning & gusty winds likely over Western Himalayan region till 27th and scattered to fairly widespread during 28th -31st March. Isolated to scattered rainfall… pic.twitter.com/C6IuLoRLw9
— India Meteorological Department (@Indiametdept) March 25, 2026
बिहार में आंधी-बारिश और वज्रपात का खतरा
बिहार में भी मौसम तेजी से बदलने वाला है. कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है. खासकर सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और पूर्णिया जैसे इलाकों में मौसम ज्यादा खराब रह सकता है. 27 मार्च को पटना, गया और आसपास के जिलों में भी तेज बारिश की संभावना जताई गई है. यह स्थिति 30 मार्च तक बनी रह सकती है, जिससे गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन रबी की फसलों को नुकसान हो सकता है.
उत्तर प्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी
उत्तर प्रदेश में भी मौसम का असर साफ नजर आ रहा है. हाल की बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है. मौसम विभाग के अनुसार, 26 मार्च से पश्चिमी विक्षोभ के कारण राज्य के करीब 15 जिलों में बादल छाए रहेंगे और 29 मार्च तक तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. इस दौरान कई जगहों पर बिजली गिरने और ओले पड़ने की चेतावनी भी जारी की गई है. इससे गेहूं और अन्य रबी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है.
|
26 मार्च गुरुवार का तापमान
|
||
| शहर का नाम | न्यूनतम तापमान | अधिकतम तापमान |
| दिल्ली | 18°C | 32°C |
| चंडीगढ़ | 17°C | 27°C |
| मुंबई | 26°C | 31°C |
| कोलकाता | 22°C | 32°C |
| चेन्नई | 23°C | 33°C |
| हैदराबाद | 22°C | 32°C |
| बेंगलुरु | 20°C | 32°C |
| रांची | 19°C | 31°C |
| पटना | 19°C | 32°C |
| लखनऊ | 18°C | 32°C |
| भोपाल | 21°C | 33°C |
| जयपुर | 19°C | 30°C |
| देहरादून | 13°C | 22°C |
| शिमला | 10°C | 20°C |
| कश्मीर | 5°C | 12°C |
राजस्थान में तेज आंधी और बारिश का असर
राजस्थान में भी नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है. जयपुर, बीकानेर, कोटा, अजमेर, उदयपुर और जोधपुर समेत कई संभागों में तेज धूल भरी आंधी और बारिश की संभावना है. 26 से 30 मार्च के बीच 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और ओलावृष्टि का भी खतरा है. इससे तापमान में गिरावट आएगी और गर्मी से राहत मिलेगी.
पहाड़ी राज्यों में बारिश-बर्फबारी
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मौसम ज्यादा प्रभावित रहेगा. ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बारिश और बर्फबारी हो सकती है. रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चमोली, कुल्लू, कांगड़ा और मंडी जैसे जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले गिरने का अनुमान है. वहीं, लाहौल-स्पीति और किन्नौर में बर्फबारी की चेतावनी दी गई है.
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भी असर
पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम, मेघालय, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में तेज हवाओं (70-80 किमी/घंटा) के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
दक्षिण भारत में भी चक्रवाती परिसंचरण के कारण तमिलनाडु और आसपास के राज्यों में बारिश की संभावना है. वहीं, कुछ हिस्सों में हीटवेव की चेतावनी भी दी गई है.
किसानों के लिए चिंता का समय
इस बदलते मौसम से जहां आम लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है, वहीं किसानों के लिए यह चिंता का विषय बन गया है. खासकर गेहूं, चना और सरसों जैसी रबी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है.