सभी तरह की सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों के पास फार्मर आईडी होना जरूरी है. उत्तर प्रदेश सरकार ने 1 अप्रैल से फार्मर आईडी के बिना पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने पर रोक लगा दी है. इसी कुछ अन्य राज्यों ने भी सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए किसानों की खातिर फार्मर आईडी को अनिवार्य कर दिया है. इसी के तहत मध्य प्रदेश के मुरैना, रीवा समेत अन्य जिलों की ग्राम पंचायतों में रात्रिकालीन शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं. ताकि, कोई भी किसान बिना फार्मर आईडी के न रहने पाए.
मुरैना समेत अन्य जिलों में किसानों की फार्मर आईडी बनाने का काम तेज
मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी किसानों के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य कर दी है. ऐसे में कई किसान संगठनों और किसान नेताओं ने सरकार से फार्मर आईडी बनाने के लिए शिविर लगाने के सुझाव दिए थे. जिसके बाद अब कई जिलों के प्रशासन ने रात्रिकालीन शिविर लगाकर किसानों की फार्मर आईडी बनाने की शुरुआत कर दी है. मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में संकल्प से समाधान अभियान के अंतर्गत किसानों के लिए रात्रिकालीन राजस्व शिविरों का आयोजन किया जा रहा है.
फार्मर आईडी बनाने के लिए रात में भी शिविर लगाने के निर्देश
संकल्प से समाधान अभियान के तहत किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुरैना के कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशन में जिले की सभी तहसीलों में राजस्व अधिकारियों एवं पटवारियों के जरिए सायंकालीन एवं रात्रिकालीन राजस्व शिविरों का आयोजन किया जा रहा है. इन शिविरों के जरिए किसानों को फार्मर रजिस्ट्री, फार्मर आईडी निर्माण, बकेट कार्य, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से संबंधित कार्यों सहित अन्य आवश्यक राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.
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एसडीएम, तहसीलदार समेत अन्य अधिकारियों की ड्यूटी लगी
जिला कलेक्टर ने कहा कि इन रात्रिकालीन शिविरों के दौरान एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार द्वारा विभिन्न ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर न केवल फार्मर रजिस्ट्रेशन कार्य की प्रगति का मूल्यांकन किया जा रहा है, बल्कि किसानों को फार्मर रजिस्ट्री कराने एवं उनके सभी सर्वे नंबरों को फार्मर आईडी से जोड़ने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है.
शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक शिविर लगाए जा रहे
किसानों के लिए यह शिविर प्रतिदिन शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे दिन के समय कृषि कार्यों में व्यस्त रहने वाले किसान भी सुविधानुसार शिविरों में सहभागिता कर सकें. शासन की फार्मर आईडी योजना के अंतर्गत किसानों की समस्त भूमि को एक ही आईडी से लिंक किया जाएगा, जिससे भविष्य में विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ किसानों को फार्मर आईडी के माध्यम से ही उपलब्ध कराया जा सकेगा.