बारिश-कीटों से खराब हुई धान के लिए मुआवजे की घोषणा, 27 नवंबर को किसानों के खाते में पहुंचेगा पैसा

मध्य प्रदेश सरकार ने धान किसानों को उनके नुकसान की भरपाई के लिए राशि वितरण की घोषणा कर दी है. मुख्यमंत्री 27 नवंबर को श्योपुर में आयोजित कार्यक्रम में किसानों से मिलेंगे, यहां पर वह पीड़ित किसानों के खाते में राहत राशि ट्रांसफर करेंगे.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 24 Nov, 2025 | 08:09 PM

Madhya Pradesh Farmers: मध्य प्रदेश में बारिश के चलते और पीला मोजेक कीट की वजह से खराब हुई धान की फसल के लिए किसानों को मुआवजा राशि वितरण की घोषणा कर दी गई है. मुख्यमंत्री मोहन यादव की ओर से आधिकारिक बयान में कहा गया है कि आगामी 27 नवंबर को मुख्यमंत्री श्योपुर में आयोजित कार्यक्रम के जरिए किसानों के खाते में राशि ट्रांसफर करेंगे. बता दें कि मध्य प्रदेश में 23 लाख से अधिक किसानों की फसलें बारिश और बाढ़ के चलते तबाह हुई हैं. इससे पहले मुख्यमंत्री ने पीड़ित किसानों को 1802 करोड़ रुपये देने के पैकेज को मंजूरी दी थी.

मध्य प्रदेश सरकार के अनुसार धान किसानों को उनके नुकसान की भरपाई के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राशि वितरण की घोषणा कर दी है. मुख्यमंत्री आगामी 27 नवंबर को श्योपुर में आयोजित कार्यक्रम में किसानों से मिलेंगे, यहां पर वह पीड़ित किसानों के खाते में राहत राशि ट्रांसफर करेंगे. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों के कल्याण के लिए राज्य सरकार सजग, संवेदनशील होकर सक्रियता के साथ कार्य कर रही है.

बीते साल से तीन गुना ज्यादा राहत राशि का वितरण

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य के 23.81 लाख से अधिक प्रभावित किसानों को अब तक लगभग 1802 करोड़ रुपए की राहत राशि वितरित कर चुके हैं. उन्होंने बताया कि राहत राशि से किसानों को फिर से अपने पैरों पर खड़ा होने में बेहद मदद मिली है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल 2024-25 में राहत राशि के रूप में किसानों को में बांटी गई 660.57 करोड़ रुपए राहत राशि से करीब तीन गुना अधिक है.

मध्य प्रदेश में किस साल किसानों को कितनी राहत राशि दी गई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अन्नदाता किसानों के लिए सरकार के खजाने में धन की कोई कमी नहीं है. प्रदेश के हर जरूरतमंद किसान को सरकार का साथ, सहयोग और संबल दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 में 1590.74 करोड़ रुपए, वित्त वर्ष 2022-23 में 726.15 करोड़ रुपए और वित्त वर्ष 2023-24 में 758.62 करोड़ रुपए राहत राशि सरकार की ओर से किसानों को दी गई है.

पीला मोजैक कीट से हुए नुकसान की भरपाई

अतिवृष्टि, बाढ़ और पीला मोजैक कीट से फसल को भारी नुकसान पहुंचा है. इससे पीड़ित किसानों को इस साल अब तक 23.81 लाख रुपये प्रभावित किसानों को 1623.51 करोड़ रुपए राहत राशि के रूप में दिए जा चुके हैं. राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि बाद में करा गए सर्वे के बाद पीड़ित किसानों को राहत देने के इरादे से 27 नवंबर को फिर से राहत राशि का वितरण किया जाएगा.

सोयाबीन किसानों को भावांतर का लाभ दिया जा रहा

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां भावान्तर योजना के तहत सोयाबीन उत्पादक किसानों को पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई जा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए बिजली बिल में अधिक राशि न देनी पड़े इस उद्देश्य से तीन हार्स पॉवर और पांच हार्स पॉवर के संचालन पर सरकार की ओर से 90 फीसदी भुगतान करने का प्रावधान किया गया.

धान और गेहूं किसानों को एमएसपी के साथ बोनस का लाभ मिलेगा

प्रदेश के किसानों से 2600 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदने का निर्णय लिया गया है. वहीं, धान किसानों को बोनस राशि देने के निर्णय भी किया गया है. राज्य सरकार किसानों के हित का आगे भी लगातार ध्यान रखेगी. श्योपुर में पशुपालन का प्रमुख हिस्सा गौ पालन है और गौ माता के सम्मान की भी परंपरा है. गौपालकों के लिए भी कामधेनु योजना और अन्य सब्सिडी योजनाएं चलाई जा रही हैं.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 24 Nov, 2025 | 04:10 PM

कीवी उत्पादन के मामले में देश का सबसे प्रमुख राज्य कौन सा है