Poultry Farming: आजकल कई लोग पोल्ट्री फार्मिंग को तेजी से कमाई वाला कारोबार मानते हैं. खासकर अंडे और चूजों का बिजनेस शुरू करने का सपना बहुत लोग देखते हैं. लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि बिना सही जानकारी के इस काम में उतरना नुकसान का सौदा भी बन सकता है. पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम (KVK Noida) के अनुसार, अगर सही तरीके और सावधानियों के साथ काम किया जाए तो अंडा और चूजे का कारोबार अच्छा मुनाफा दे सकता है.
एक साथ तीन कारोबार शुरू करना हो सकता है बड़ी गलती
पोल्ट्री फार्मिंग, अंडों की हैचिंग और चूजों की बिक्री-ये तीनों काम एक दूसरे से जुड़े जरूर हैं, लेकिन इन्हें एक साथ शुरू करना आसान नहीं होता. विशेषज्ञों के अनुसार, जो लोग पहली बार इस क्षेत्र में काम शुरू कर रहे हैं, उन्हें शुरुआत में एक ही काम पर ध्यान देना चाहिए. जैसे पहले पोल्ट्री फार्मिंग या अंडा उत्पादन शुरू करें. अनुभव होने के बाद ही हैचरी या चूजों के व्यापार में कदम बढ़ाना बेहतर होता है. अगर बिना अनुभव के तीनों काम एक साथ शुरू कर दिए जाएं तो देखभाल और प्रबंधन में गड़बड़ी हो सकती है. इससे चूजों की मौत या अंडों के खराब होने का खतरा बढ़ जाता है और लाखों रुपये का नुकसान हो सकता है.
इनक्यूबेटर में अंडे डालने से पहले जरूरी जांच करें
पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति हैचरी यानी अंडों से चूजे निकालने का कारोबार करना चाहता है तो सबसे पहले अंडों की सही जांच करना जरूरी है. इनक्यूबेटर मशीन में रखने से पहले यह देखना चाहिए कि अंडे स्वस्थ और सही स्थिति में हैं या नहीं. खराब या संक्रमित अंडों को मशीन में नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इससे बाकी अंडों पर भी असर पड़ सकता है. सही अंडों का चुनाव ही सफल हैचरी की पहली सीढ़ी माना जाता है. अगर शुरुआत में ही लापरवाही हो जाए तो पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है.
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सही तापमान और सफाई से सफल होता अंडे-चूजे का कारोबार.
तापमान और नमी का सही संतुलन जरूरी
अंडों से चूजे निकलने की प्रक्रिया पूरी तरह मशीन के तापमान और नमी पर निर्भर करती है. विशेषज्ञों के अनुसार, इनक्यूबेटर का तापमान लगभग 99.5 डिग्री फारेनहाइट के आसपास होना चाहिए. इसके साथ ही मशीन में 85 से 87 प्रतिशत तक नमी बनाए रखना भी जरूरी है. यह संतुलन इसलिए जरूरी होता है क्योंकि अंडे के अंदर मौजूद भ्रूण को सही तरह से विकसित होने के लिए खास माहौल चाहिए होता है. अगर तापमान या नमी में थोड़ा भी ज्यादा बदलाव हो जाए तो अंडों में मौजूद भ्रूण विकसित नहीं हो पाता और चूजे नहीं निकलते. इसलिए हैचरी कारोबार में मशीन की निगरानी बहुत जरूरी मानी जाती है.
21 दिनों में अंडे से निकलते हैं चूजे
हैचरी की प्रक्रिया लगभग तीन हफ्तों की होती है. शुरुआत में अंडों को इनक्यूबेटर या सेटर मशीन में रखा जाता है, जहां मशीन उन्हें समय-समय पर घुमाती रहती है. करीब 18 दिनों तक अंडे सेटर मशीन में रहते हैं. इस दौरान अंडों के अंदर चूजों का विकास होता है. इसके बाद अगले तीन दिनों के लिए अंडों को हैचिंग मशीन में रखा जाता है. लगभग 21 दिनों के बाद अंडों से चूजे बाहर निकल आते हैं. यह समय पोल्ट्री कारोबार में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसी दौरान सही देखभाल से अच्छे और स्वस्थ चूजे मिलते हैं.

पोल्ट्री फार्मिंग
साफ-सफाई और देखभाल में लापरवाही न करें
चूजों के निकलने के दौरान और उसके बाद साफ-सफाई का खास ध्यान रखना जरूरी होता है. विशेषज्ञों के अनुसार, थोड़ी सी भी गंदगी या संक्रमण चूजों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. जब तक चूजे अंडे का खोल पूरी तरह तोड़कर बाहर नहीं आ जाते, तब तक उन्हें मशीन में ही रहने देना चाहिए. बाहर निकालने के बाद उन्हें ब्रूडिंग क्षेत्र में रखा जाता है, जहां उन्हें गर्म वातावरण, साफ पानी और संतुलित दाना दिया जाता है. अगर शुरुआती दिनों में चूजों की सही देखभाल की जाए तो उनकी सेहत अच्छी रहती है और आगे चलकर वे अच्छी उत्पादकता देते हैं.