Cooperative Development: ओडिशा में सहकारी संस्थाओं को मजबूत बनाने और किसानों को बेहतर वित्तीय सुविधाएं देने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है. पैक्स (प्राथमिक कृषि क्रेडिट समितियां) के आधुनिकीकरण और कंप्यूटरीकरण के लिए वित्त वर्ष 2025-26 में 18.07 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं. इस पहल का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को डिजिटल बनाना, ऋण वितरण को आसान करना और किसानों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है. राज्य में कुल 4,262 पैक्स हैं, जिनमें से 4,147 सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं, जबकि 4,240 पैक्स को कंप्यूटरीकरण के लिए स्वीकृति मिल चुकी है.
पैक्स कंप्यूटरीकरण से किसानों को मिलेगा सीधा फायदा
सरकार पैक्स को कॉमन ERP आधारित राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर से जोड़ रही है. इससे ऋण वितरण तेज होगा और लेखांकन की प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी. छोटे और सीमांत किसानों को इसका सबसे ज्यादा लाभ मिलने की उम्मीद है. सहकारिता मंत्रालय की सहकार-से-समृद्धि पहल के तहत पैक्स को बहुउद्देशीय संस्थाओं के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि वे कृषि के साथ-साथ डेयरी, मत्स्यिकी और भंडारण जैसे कार्य भी कर सकें.
डेयरी, पशुधन और मत्स्यिकी क्षेत्र को मिल रहा सहयोग
एनसीडीसी के आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्षों में सहकारी गतिविधियों के लिए लगातार वित्तीय सहायता दी गई है. वित्त वर्ष 2024-25 में डेयरी और पशुधन, मात्स्यिकी और एफएफपीओ गतिविधियों के लिए भी राशि जारी की गई थी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली.
नीचे 2024-25 के प्रमुख क्षेत्रों का विवरण दिया गया है:-
| कार्यकलाप | ऋण (करोड़ रुपये) | अनुदान (करोड़ रुपये) | कुल (करोड़ रुपये) |
|---|---|---|---|
| डेयरी और पशुधन | 0.28 | 0.11 | 0.39 |
| मात्स्यिकी | – | – | – |
| मात्स्यिकी एफपीओ (FFPO) | – | – | 2.47 |
इन क्षेत्रों में निवेश से किसानों और पशुपालकों को नई आय के अवसर मिले हैं. खासकर डेयरी और मत्स्यिकी आधारित सहकारी समितियों को बढ़ावा देने पर सरकार का विशेष ध्यान है.
भंडारण और नई सहकारी समितियों पर जोर
सरकार पैक्स को दुनिया की सबसे बड़ी विकेंद्रीकृत अन्न भंडारण योजना से भी जोड़ रही है. इसके तहत समितियों के स्तर पर गोदाम और प्राथमिक प्रसंस्करण इकाइयां बनाई जा रही हैं. इससे किसान अपनी उपज को सुरक्षित रख सकेंगे और उन्हें मजबूरी में कम कीमत पर फसल बेचने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इसके साथ ही देशभर में 2 लाख नई बहुउद्देशीय पैक्स, डेयरी और मत्स्यिकी सहकारी समितियां बनाने की योजना भी लागू की जा रही है, ताकि हर पंचायत तक सहकारी सेवाएं पहुंच सकें.
सहकारी विकास में लगातार बढ़ रहा निवेश
एनसीडीसी के अनुसार, देशभर में सहकारी संस्थाओं के विकास के लिए अब तक 5.10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का वितरण किया जा चुका है, जिसमें से 3,347.35 करोड़ रुपये ओडिशा को मिले हैं. यह निवेश कृषि, डेयरी, मत्स्यिकी और ग्रामीण उद्यम को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहा है. ऐसे में पैक्स के आधुनिकीकरण और सहकारी ढांचे को मजबूत बनाने की ये पहल किसानों के लिए नई संभावनाएं खोल रही है. डिजिटल सुविधाओं, भंडारण व्यवस्था और विविध गतिविधियों के जरिए सहकारी समितियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं. आने वाले समय में इससे किसानों की आय बढ़ने और गांवों में रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद है.