अब मोबाइल बताएगा पशु की सही खुराक, गोरस ऐप से दूध उत्पादन और पशुपालकों की आय दोनों बढ़ेंगी

मध्यप्रदेश के पशुपालकों के लिए गोरस मोबाइल ऐप बड़ी मदद बनने जा रहा है. यह ऐप पशुओं की सही खुराक, स्वास्थ्य और दूध बढ़ाने के आसान सुझाव देगा. इससे कम लागत में बेहतर पोषण मिलेगा, पशु स्वस्थ रहेंगे और दूध उत्पादन बढ़ने से पशुपालकों की आय मजबूत होने की उम्मीद है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 14 Apr, 2026 | 08:12 PM

Dairy Farming: मध्यप्रदेश के पशुपालकों के लिए बड़ी राहत और कमाई बढ़ाने वाली खबर है. अब पशुओं को क्या, कितना और कब खिलाना है, इसकी सही जानकारी मोबाइल पर एक क्लिक में मिल जाएगी. मध्यप्रदेश पशुपालन विभाग के अनुसार, विभाग ने गोरस मोबाइल ऐप तैयार किया है, जो वैज्ञानिक तरीके से गाय और भैंस के संतुलित आहार की जानकारी देगा. इससे पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर होगा, गर्भधारण और बार-बार हीट जैसी समस्याओं में कमी आएगी और दूध उत्पादन बढ़ेगा. सबसे बड़ी बात यह है कि यह ऐप पूरी तरह आसान हिंदी में होगा, ताकि गांव के पशुपालक भी इसे आसानी से समझ सकें और अपनी आय बढ़ा सकें.

क्यों जरूरी पड़ा गोरस मोबाइल ऐप?

मध्यप्रदेश में बड़ी संख्या में गाय और भैंसों का पालन  होता है, लेकिन आज भी कई पशुपालक पारंपरिक तरीके से चारा और दाना देते हैं. सही पोषण न मिलने से पशुओं का स्वास्थ्य प्रभावित होता है और दूध उत्पादन 20 से 30 प्रतिशत तक कम हो जाता है. विभाग के अनुसार इसी समस्या को देखते हुए यह ऐप तैयार किया गया है. अब पशुपालक अपने पशु की नस्ल, वजन, दूध की मात्रा, गर्भावस्था और मौजूदा चारे की जानकारी ऐप में भरेंगे. इसके आधार पर ऐप बताएगा कि किस पशु को कितना संतुलित आहार देना चाहिए. इससे न सिर्फ दूध बढ़ेगा, बल्कि पशुओं में कमजोरी, बार-बार हीट और गर्भधारण में दिक्कत जैसी समस्याएं भी कम होंगी.

ऐप कैसे करेगा काम, क्या मिलेगा फायदा?

यह ऐप पूरी तरह वैज्ञानिक फॉर्मूले पर काम करेगा. जैसे ही पशुपालक अपने पशु का डेटा दर्ज करेंगे, ऐप संतुलित आहार की मात्रा और प्रकार बता देगा. साथ ही यह भी बताएगा कि आहार में बदलाव से एक ब्यांत में कितनी अतिरिक्त कमाई हो सकती है. मध्यप्रदेश पशुपालन विभाग के अनुसार ऐप यह भी बताएगा कि अभी दिए जा रहे चारे से क्या नुकसान हो सकता है. अगर कोई पशु कम दूध दे रहा है, बार-बार हीट में आ रहा है या गर्भधारण में दिक्कत है, तो ऐप उसके लिए भी सुझाव देगा. इससे पशुपालक बिना डॉक्टर के पास बार-बार जाए घर बैठे शुरुआती जानकारी पा सकेंगे. यह छोटे और मध्यम पशुपालकों के लिए खास तौर पर फायदेमंद होगा.

गोरस ऐप की खास बातें जो इसे बनाएंगी खास

विभाग के मुताबिक यह ऐप पूरी तरह हिंदी भाषा में तैयार किया गया है. इसमें गाय और भैंस  दोनों के लिए अलग-अलग सुझाव मिलेंगे. खास नस्लों जैसे गिर, साहीवाल, थारपारकर, मुर्रा, भदावरी और संकर नस्लों के लिए अलग गाइडेंस दी जाएगी. ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह इंटरनेट के बिना भी काम करेगा. इसमें 28 से ज्यादा स्थानीय चारे की जानकारी दी गई है. मौसम, खासकर गर्मी और गर्भावस्था के अनुसार यह खुद आहार में बदलाव के सुझाव देगा. इसके अलावा अवर्णित गाय और भैंसों के लिए नस्ल सुधार की सलाह भी मिलेगी. इससे पशुपालक लंबे समय में बेहतर नस्ल और ज्यादा दूध देने वाले पशु तैयार कर सकेंगे.

कब और कैसे डाउनलोड कर सकेंगे पशुपालक?

मध्यप्रदेश पशुपालन विभाग  के अनुसार यह ऐप जल्द ही गूगल प्ले स्टोर पर मुफ्त उपलब्ध होगा. पशुपालकों को अपने मोबाइल में प्ले स्टोर खोलकर Goras App सर्च करना होगा. डाउनलोड के बाद इंस्टॉल की अनुमति देकर इसे आसानी से इस्तेमाल किया जा सकेगा. विभाग का कहना है कि इसे गांवों के पशुपालकों को ध्यान में रखकर बेहद आसान बनाया गया है, ताकि कम पढ़े-लिखे लोग भी इसका लाभ ले सकें.

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Published: 14 Apr, 2026 | 08:12 PM
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