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Budget 2026: पशुपालकों की बल्ले-बल्ले, बजट में 27 फीसदी की बढ़ोतरी.. अब गांवों में इस तरह बढ़ेगा रोजगार
केंद्रीय बजट 2026-27 में पशुपालन क्षेत्र को रिकॉर्ड बजट मिला है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. इस बजट से पशु स्वास्थ्य, डेयरी विकास, मछली पालन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. सरकार का फोकस किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने पर है.
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Animal Husbandry: गर्मी में हरे चारे की टेंशन खत्म..बस अभी करें ये काम, दूध खुद-ब-खुद बढ़ेगा
गर्मी के मौसम में अक्सर पशुओं के लिए हरे चारे की कमी हो जाती है, जिससे दूध उत्पादन प्रभावित होता है. लेकिन अगर समय रहते सही चारा फसल की खेती कर ली जाए, तो इस समस्या से आसानी से बचा जा सकता है. कुछ खास चारे गर्मी में भी भरपूर पोषण देते हैं.
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दूध उत्पादन में भैंस को टक्कर दे रही ये बकरी, कम खर्च में किसानों की कमाई भी होगी जबरदस्त
बकरी पालन को गांव की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहा जाता है. इसका कारण साफ है बकरी कम चारा खाती है, बीमारियां अपेक्षाकृत कम लगती हैं और बाजार में दूध, मांस व खाद तीनों की मांग बनी रहती है. बकरी का दूध पचाने में आसान होता है और बच्चों व बुजुर्गों के लिए खास माना जाता है.
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कम खर्च में बड़ी कमाई का मौका, हिरण जैसी बरबरी बकरी पालन से किसान बन रहे आत्मनिर्भर
कम लागत और कम जोखिम में मुनाफा चाहने वाले किसानों के लिए बरबरी बकरी पालन बेहतरीन विकल्प बन रहा है. यह नस्ल तेजी से बढ़ती है और कम बीमार पड़ती है. बाजार में इसकी मांग साल भर बनी रहती है. सही देखभाल और टीकाकरण से यह पशुपालकों की आय का भरोसेमंद जरिया बन सकती है.
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सर्दियों में पशु क्यों हो जाते हैं सुस्त? एक गलती घटा देती है दूध, जानिए सही देखभाल का पूरा तरीका
सर्दियों में दूध देने वाले पशु जल्दी सुस्त हो जाते हैं और दूध का उत्पादन कम होने लगता है. इसकी वजह अक्सर ठंडा पानी, गलत चारा और लापरवाही होती है. अगर पशुपालक समय रहते सही खान-पान और देखभाल पर ध्यान दें, तो ठंड में भी पशु स्वस्थ रह सकते हैं और भरपूर दूध दे सकते हैं.
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डेयरी फार्मिंग से बदलें किस्मत..सरकार दे रही लोन और सब्सिडी, जानें आवेदन का आसान तरीका
डेयरी फार्मिंग लोन योजना ग्रामीण युवाओं और किसानों के लिए स्वरोजगार का अच्छा मौका है. सरकार कम ब्याज पर लोन और सब्सिडी दे रही है, जिससे गाय-भैंस पालन आसान हो जाता है. सही योजना से कम लागत में स्थायी आमदनी शुरू की जा सकती है और गांव में रोजगार के नए रास्ते खुलते हैं.








