बीज-खाद, कीटनाशक जांच के लिए नई गाइडलाइन, मिलावटखोरों पर एक्शन के लिए तीन मंत्रालय साथ आए

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि घटिया बीज, खाद और कीटनाशक किसानों की सबसे बड़ी पीड़ा है और अब सैंपलों की ‘फेसलेस और ट्रेसलेस’ ढुलाई से छेड़छाड़, देरी और मैनेजमेंट की गुंजाइश लगभग समाप्त हो जाएगी, जिससे प्रयोगशालाओं को समय पर और विश्वसनीय रिपोर्ट मिल सकेगी तथा मिलावटखोरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई संभव होगी.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 7 Jan, 2026 | 08:09 PM

किसानों को नकली बीज–खाद-कीटनाशक सप्लाई करने वालों और बनाने वालों पर शिकंजा कसने के लिए कई स्तर पर सख्ती बढ़ाई गई है. बीज, खाद और कीटनाशक की जांच के लिए नई गाइडलाइन के तहत तीन मंत्रालयों ने हाथ मिलाया है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जांच के लिए भेजे जाने वाले सैंपल अब टैंपर‑प्रूफ पैकिंग से सीधे लैब तक जाएंगे. बारकोड और क्यूआर कोड से हर सैंपल पर डिजिटल निगरानी रखी जा सकेगी. इसके अलावा उन्होंने कहा कि ग्रामीण बहनों‑दीदियों की आय बढ़ाने के लिए DAY‑NRLM और डाक विभाग मिलकर बैंकिंग सेवाएं गांव‑गांव पहुंचाएंगे. बीसी सखियों की आमदनी में 15 से 30 हजार रुपये महीना तक बढ़ोतरी की उम्मीद जताई है.

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय संचार तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और केंद्रीय राज्य मंत्री श्री चंद्रशेखर पेम्मासानी की उपस्थिति में आज कृषि भवन नई दिल्ली में दो समझौता ज्ञापन (MoU) साइन किए गए. कृषि एवं किसान कल्याण विभाग और डाक विभाग के बीच कृषि इनपुट (बीज, उर्वरक और कीटनाशक) के सैंपलों की सुरक्षित, टैंपर-प्रूफ एवं डिजिटल ट्रैकिंग आधारित ढुलाई के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए गए, जबकि दूसरे MoU के तहत ग्रामीण विकास मंत्रालय, डाक विभाग और DAY-NRLM के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं और आजीविका के अवसरों के विस्तार पर सहमति बनी.

घटिया बीज, खाद और कीटनाशक से किसानों का बचाया जाएगा

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि आज हस्ताक्षरित दो महत्वपूर्ण MoU विकसित भारत के निर्माण की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होंगे और किसानों के हितों की रक्षा के साथ-साथ ग्रामीण बहनों-दीदियों की आमदनी बढ़ाने में भी बड़ी भूमिका निभाएंगे. उन्होंने कहा कि घटिया बीज, खाद और कीटनाशक किसानों की सबसे बड़ी पीड़ा है और अब सैंपलों की ‘फेसलेस और ट्रेसलेस’ ढुलाई से छेड़छाड़, देरी और मैनेजमेंट की गुंजाइश लगभग समाप्त हो जाएगी, जिससे प्रयोगशालाओं को समय पर और विश्वसनीय रिपोर्ट मिल सकेगी तथा मिलावटखोरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई संभव होगी.

जांच को जाने वाले सैंपल्स में क्यूआर और बारकोड लगाए जाएंगे

उन्होंने बताया कि डाक विभाग के बारकोड/क्यूआर कोड आधारित नेटवर्क और विशेष लॉजिस्टिक क्षमता के उपयोग से देशभर के निर्माण इकाइयों, डीलरों और बाजारों से लिए गए सैंपल सुरक्षित रूप से निर्धारित प्रयोगशालाओं तक पहुंचाए जाएंगे. केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने स्पष्ट किया कि सरकार Pesticide Act और Seed Act के माध्यम से घटिया कीटनाशकों और बीजों पर कठोर दंडात्मक प्रावधानों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है, ताकि किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी फेरने वाले तत्वों पर सख्ती की जा सके. उन्होंने कहा कि कृषि और ग्रामीण विकास मिलकर लगभग 70 प्रतिशत भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए इन क्षेत्रों को मजबूत करना विकसित भारत के लक्ष्य की अनिवार्य शर्त है.

‘बीसी सखी’ मॉडल से गांव-गांव पहुंचेंगी बैंकिंग सेवाएं

DAY-NRLM से जुड़ी बहनों-दीदियों का उल्लेख करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री ने 2 करोड़ से अधिक ‘लखपति दीदियां’ गरीबी उन्मूलन का अभूतपूर्व मॉडल हैं और नए MoU के जरिये डाक विभाग के माध्यम से बैंकिंग व वित्तीय सेवाओं का विस्तार होने से बहनों की आय में 15 से 30 हजार रुपये प्रतिमाह तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी की उम्मीद बनेंगी. उन्होंने कहा कि ‘बीसी सखी’ मॉडल को डाक विभाग के विशाल नेटवर्क से जोड़ने पर गांव-गांव और घर-घर तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचेंगी, जिससे किसानों और ग्रामीण परिवारों को सीधी सुविधा और राहत मिलेगी.

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Published: 7 Jan, 2026 | 07:55 PM

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