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सरसों का साग : 30 दिन में तैयार फसल, बाजार में खूब डिमांड, प्रति एकड़ 70 हजार तक की कमाई
रबी सीजन में सरसों का साग खूब शौक से खाया जाता है. इसमें कई औषधीय पोषक तत्व पाए जाने की वजह से भी इसकी बाजार में डिमांड बढ़ जाती है. किसान अब सरसों की खेती के लिए ही नहीं बल्कि सरसों का साग लगाकर और बाजार में बेचकर शानदार कमाई कर रहे हैं. जिससे किसानों की आमदनी में इजाफा हो रहा है.
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40 दिनों में 45 टन की उपज, 32 फीसदी छूट पर मिल रहे मूली के बीज, कीमत मात्र 51 रुपए
राष्ट्रीय बीज निगम (NSC) ने किसानों की सुविधा के लिए इस बीज की ऑनलाइन बिक्री शुरू कर दी है. किसान अब घर बैठे एनएसपी की वेबसाइट या ओएनडीपी (ONDP) स्टोर के माध्यम से भी मंगवा सकते हैं. ऑर्डर के बाद बीज सीधे किसानों के घर पहुंच जाएगा, जिससे उन्हें बाजार या दुकानों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
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FTA से डगमगा सकती है जम्मू कश्मीर की अर्थव्यवस्था, सेब कारोबारियों ने कृषि मंत्री से जताई चिंता
सेब उत्पादकों ने यह भी चिंता जताई कि आयात शुरू होते ही मंडियों में कीमतें टूट सकती हैं. इसका सीधा नुकसान किसानों की आमदनी पर पड़ेगा. जब किसानों को सही दाम नहीं मिलेगा, तो वे अगली फसल में निवेश करने से भी कतराएंगे. इससे आने वाले वर्षों में उत्पादन और रोजगार दोनों पर असर पड़ सकता है.
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‘हरा सोना’ से बदलेगी किस्मत, खाली पड़ी जमीन में करें बांस की खेती.. लाखों में बनेगा मुनाफा
किसान अब अपनी बंजर व खाली पड़ी जमीन पर कम लागत में अच्छी कमाई कर रहें है. उनकी यही चाह आमदनी के नए-नए रास्ते खोल रही है. इसी कड़ी में किसानों के लिए बांस की खेती एक लाभकारी विकल्प बनकर सामने आई है. आइये जानते हैं बांस की खेती का सही तरीका.
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Wheat Farming Tips: पहली सिंचाई और सही खाद, जानें गेहूं की बंपर पैदावार का राज
गेहूं की खेती में पहली सिंचाई को सबसे अहम चरण माना जाता है. किसान इसे केवल पानी देने का समय नहीं, बल्कि पूरी फसल की नींव रखने का मौका मानते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, बुवाई के 20 से 25 दिन बाद की गई पहली सिंचाई अगर सही पोषण के साथ हो जाए, तो पैदावार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी संभव है.
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मशरूम उगाकर लखपति बनेंगे किसान, मशरूम ग्राम मॉडल का शुभारंभ.. ट्रेनिंग-पैसा और मार्केटिंग सपोर्ट मिलेगा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार जिले के बुग्गावाला में ‘मशरूम ग्राम’ के शुभारंभ पर कहा कि यह पहल किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में अहम कदम है. मुख्यमंत्री ने कहा कि मशरूम उत्पादन कम भूमि, कम जल और कम समय में अधिक लाभ देने वाला प्रभावी उद्यम है, जिससे किसान अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं.








