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‘हरा सोना’ से बदलेगी किस्मत, खाली पड़ी जमीन में करें बांस की खेती.. लाखों में बनेगा मुनाफा
किसान अब अपनी बंजर व खाली पड़ी जमीन पर कम लागत में अच्छी कमाई कर रहें है. उनकी यही चाह आमदनी के नए-नए रास्ते खोल रही है. इसी कड़ी में किसानों के लिए बांस की खेती एक लाभकारी विकल्प बनकर सामने आई है. आइये जानते हैं बांस की खेती का सही तरीका.
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Wheat Farming Tips: पहली सिंचाई और सही खाद, जानें गेहूं की बंपर पैदावार का राज
गेहूं की खेती में पहली सिंचाई को सबसे अहम चरण माना जाता है. किसान इसे केवल पानी देने का समय नहीं, बल्कि पूरी फसल की नींव रखने का मौका मानते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, बुवाई के 20 से 25 दिन बाद की गई पहली सिंचाई अगर सही पोषण के साथ हो जाए, तो पैदावार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी संभव है.
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मशरूम उगाकर लखपति बनेंगे किसान, मशरूम ग्राम मॉडल का शुभारंभ.. ट्रेनिंग-पैसा और मार्केटिंग सपोर्ट मिलेगा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार जिले के बुग्गावाला में ‘मशरूम ग्राम’ के शुभारंभ पर कहा कि यह पहल किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में अहम कदम है. मुख्यमंत्री ने कहा कि मशरूम उत्पादन कम भूमि, कम जल और कम समय में अधिक लाभ देने वाला प्रभावी उद्यम है, जिससे किसान अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं.
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सिंदूर की खेती से बदली महिला किसानों किस्मत, 1.50 लाख के खर्च में 9 लाख की कमाई
Sindoor Ki Kheti: खंडवा जिला पंचायत के सीईओ डॉक्टर नागार्जुन बी गौड़ा ने कहा कि जितना सिंदूर एक पौधा से आना चाहिए उतना आ रहा है. इसके बाद ही जिले में इसकी खेती बड़े स्तर पर करने का निर्णय लिया गया है. सिंदूर की डिमांड पूरे विश्व में है. जर्मन कंपनी के जुड़ने से किसानों को अच्छा भाव मिलने का रास्ता साफ हुआ है.
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Mandi Rates: नई फसल की आवक से फिसले आलू के दाम, लागत और बाजार के बीच फंसे किसान
इस साल जिले में आलू की खेती का रकबा भी पहले से ज्यादा रहा. मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर 38 हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में आलू की खेती दर्ज की गई है. पिछले साल इसी समय यह आंकड़ा काफी कम था. अब हालात यह हैं कि कई किसान लागत निकालने को लेकर भी चिंतित हो गए हैं.
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Papaya Farming: पपीते की खेती में बीमारियों का हमला, रोगमुक्त फसल के लिए अपनाएं ये खास उपाय
देश भर में पपीते की बागवानी बड़े पैमाने पर की जाती है. कच्चे व पके हुए दोनों तरह के पपीते की मांग बाजार में अधिक रहती है, लेकिन पपीते के पौधे को लाल मकड़ी, तना गलन, पर्ण कुंचन और फल सड़न से बचाना एक बड़ा टास्क माना जाता है. आइए जानते हैं आप अपनी फसल को बर्बाद होने से कैसे बचा सकते हैं.








