Azolla Farming : अगर आप पशुपालक हैं, तो यकीनन सुबह उठते ही सबसे बड़ी चिंता यही होती होगी कि पशुओं के चारे और दाने का इंतजाम कैसे हो? आजकल खल, बिनौला और दाने के दाम आसमान छू रहे हैं. हालत ये है कि जितना दूध बेचकर कमाई नहीं होती, उससे ज्यादा तो पशु के खाने पर खर्च हो जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपके खेत के एक छोटे से कोने में उगी घास में 10 किलो बादाम जितनी ताकत हो सकती है? जी हां, हम बात कर रहे हैं अजोला (Azolla) और सुपर नेपियर की. यह सिर्फ घास नहीं, पशुओं के लिए अमृत है जो आपकी जेब का बोझ आधा कर देगी.
अजोला- पानी पर तैरने वाला बादाम
अजोला एक पानी पर उगने वाला हरा चारा है जिसे आप बहुत कम जगह में उगा सकते हैं. इसे पशुओं का बादाम इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स का खजाना होता है. इसे उगाने के लिए आपको बस एक छोटा सा गड्ढा खोदकर उसमें प्लास्टिक शीट बिछानी है और थोड़ा पानी भरना है. सबसे मजे की बात यह है कि एक बार डालने के बाद यह इतनी तेजी से फैलता है कि आप रोज इसे काटकर अपने पशुओं को खिला सकते हैं. अगर आप अपने पशु को रोजाना 1-2 किलो अजोला खिलाते हैं, तो आपको बाजार से महंगी खल और दाना खरीदने की जरूरत लगभग खत्म हो जाएगी. इससे दूध में फैट भी बढ़ता है और पशु की चमक भी.
एक बार लगाओ, 5 साल तक काटो
अजोला के साथ अगर आप सुपर नेपियर घास की जुगलबंदी कर दें, तो फिर समझो आपकी चांदी ही चांदी है. इसे हाथी घास भी कहते हैं क्योंकि यह बहुत तेजी से और लंबी बढ़ती है. इसकी खासियत यह है कि इसे एक बार अपने खेत की मेड़ या खाली जमीन पर लगा दिया, तो यह अगले 5 साल तक आपको हरा चारा देती रहेगी. इसे बार-बार बोने का झंझट नहीं है. यह घास बहुत ही रसीली और मीठी होती है, जिसे गाय-भैंस बड़े चाव से खाते हैं. जहां दूसरी घास सूख जाती है, वहीं सुपर नेपियर हर मौसम में हरा-भरा रहता है, जिससे आपके पशुओं को सालभर पौष्टिक भोजन मिलता रहता है.
दाने-खल का खर्चा होगा 50 फीसदी कम
आज के समय में दूध का धंधा घाटे का सौदा सिर्फ इसलिए लगता है क्योंकि लागत बहुत ज्यादा है. लेकिन अजोला और सुपर नेपियर की मदद से आप अपने फीड यानी दाने का खर्चा 50 फीसदी तक कम कर सकते हैं. जब पशु को घर का बना शुद्ध और प्रोटीन से भरपूर हरा चारा मिलता है, तो उसे बाजार के मिलावटी दानों की जरूरत नहीं पड़ती. इससे न केवल आपके पैसे बचते हैं, बल्कि पशुओं की बीमारियों पर होने वाला डॉक्टर का खर्च भी बच जाता है. पशु का शरीर अंदर से मजबूत होता है और वह समय पर गाभिन भी होता है.
किसान भाइयों के लिए कमाई का नया मंत्र
पशुपालन में असली मुनाफा तब है जब लागत कम और पैदावार ज्यादा हो. अजोला और सुपर नेपियर को अपनाकर आप न केवल अपनी खेती को स्मार्ट बना रहे हैं, बल्कि अपने पशुओं को एक लंबी और स्वस्थ जिंदगी दे रहे हैं. इसे शुरू करना बहुत आसान है और इसके लिए किसी बड़ी मशीनरी की जरूरत भी नहीं है. तो देर किस बात की? आज ही अपने नजदीकी कृषि केंद्र से संपर्क करें या अपने साथी किसानों से अजोला के कल्चर और नेपियर की कलम के बारे में पूछें. याद रखिये, जो किसान चारे की तकनीक बदलेगा, वही अपनी किस्मत बदलेगा.