UP के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! डेयरी खोलें और पाएं 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, जानें कैसे उठाएं फायदा
Nand Baba Dairy Mission: उत्तर प्रदेश सरकार ने नंद बाबा दुग्ध मिशन (NBDM) के तहत डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए तीन प्रमुख योजनाएं शुरू की हैं. ये योजनाएं छोटे, मध्यम और बड़े पशुपालकों को स्वदेशी गायों की डेयरी परियोजनाओं, सब्सिडी और प्रशिक्षण के माध्यम से मुनाफा बढ़ाने का मौका देती हैं. किसानों को बेहतर नस्लों के चयन और सही देखभाल से आय बढ़ाने में मदद मिलती है.
छोटे किसानों के लिए सहकारी बैंक बने सहारा, 7 दिन में फसल लोन और 99 फीसदी रिकवरी- अमित शाह
सहकारी ऋण प्रणाली को और सरल बनाने के लिए डिजिटल सुविधाओं को भी बढ़ावा दिया गया है. e-KCC योजना के तहत किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से फसल ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं और कई मामलों में दो दिनों के भीतर ऋण स्वीकृति मिल जाती है.
Milawati Nariyal Tel Ki Pehchan: नारियल तेल हर घर में इस्तेमाल होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाजार में मिलने वाला नारियल तेल मिलावटी भी हो सकता है? लेकिन घबराएं नहीं, Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने एक आसान घरेलू टेस्ट बताया है, जिससे आप घर पर ही आसानी से पहचान सकते हैं कि आपका तेल शुद्ध है या इसमें किसी अन्य तेल की मिलावट हुई है.
महिंद्रा के OJA 2130 ट्रैक्टर सीरीज का कमाल, बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी ने ट्रैक्टर सप्लाई और मैन्यूफैक्चरिंग बढ़ाई
Mahindra Tractors List: महिंद्रा ने अपनी ट्रैक्टर सीरीज OJA 2130 की सप्लाई और मैन्यूफैक्चरिंग बढ़ा दी है. कई खूबियों से लैस महिंद्रा का यह ट्रैक्टर बागवानी, अंगूर के बाग, इंटरकल्चरल खेती, गन्ना और कपास जैसी कई तरह की खेती के लिए बेस्ट माना जाता है.
PAU ने धान किस्म PR-131 और PR-132 की बिक्री पर लगाई रोक, अब किसान करेंगे PR-133 की खेती
केवल पटियाला जिले में ही 8,000 एकड़ से अधिक धान की फसल प्रभावित हुई थी. सर्वेक्षण में यह भी पता चला कि जून 25 से पहले बोई गई PR-131, PR-132 और PR-114 किस्में सबसे ज्यादा प्रभावित हुईं, जिनकी वृद्धि रुक गई और दाने कम हुए. यही वजह है कि PR-131 और PR-132 की बिक्री पर रोक लगाई गई.
Tip Of The Day: गर्मियों में गाय-भैंस का दूध बढ़ाना है? पशु को खिलाएं ये हरा चारा, बंपर होगा उत्पादन
Summer Cow Care Tips: गर्मी के मौसम में तेज तापमान का असर दुधारू पशुओं के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन पर पड़ता है. पशु विशेषज्ञों के अनुसार इस मौसम में गाय-भैंस को ज्वार और बरसीम जैसे पौष्टिक हरे चारे खिलाने से उनका पाचन बेहतर रहता है और दूध उत्पादन में बढ़ोतरी हो सकती है. साथ ही संतुलित आहार, साफ पानी और छायादार स्थान भी पशुओं के लिए बेहद जरूरी है.