ज्ञान का सम्मान क्विज

तरबूज की खेती किस सीजन में की जाती है?

सवाल का दीजिए सही जवाब और जीतिए ₹1000 का इनाम! 🏆
पिछले Quiz का सही जवाब
विटामिन सी
विजेताओं के नाम
राजेश श्रीवास्तव, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश
सहकारिता की ताकत: IFFCO ने कमाया 4,106 करोड़ रुपये से ज्यादा मुनाफा, नैनो फर्टिलाइजर बना गेमचेंजर

सहकारिता की ताकत: IFFCO ने कमाया 4,106 करोड़ रुपये से ज्यादा मुनाफा, नैनो फर्टिलाइजर बना गेमचेंजर

IFFCO की सबसे खास उपलब्धि नैनो फर्टिलाइजर है, जो अब किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. इस साल 30 लाख से ज्यादा नैनो उर्वरक की बोतलें बिकीं. नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी, नैनो जिंक और नैनो कॉपर जैसे उत्पाद न केवल किफायती हैं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित और लाभकारी हैं.

भारत की इकोनॉमी में कोऑपरेटिव बना नया सुपरपावर! 1 लाख करोड़ पार कर अमूल-सारस्वत ने रचा नया इतिहास

Dairy Sector: अमूल और सारस्वत सहकारी बैंक ने 1 लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर सहकारिता क्षेत्र को नई पहचान दी है. इस सफलता को पारदर्शिता, सामूहिक मेहनत और जनविश्वास की बड़ी जीत माना जा रहा है. इससे डेयरी, बैंकिंग, किसानों की आय और आत्मनिर्भर भारत की दिशा को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद बढ़ी है.

ट्रैक्टर खरीदना पड़ेगा महंगा: महिंद्रा और स्वराज ने कीमत बढ़ाने का लिया फैसला, नए दाम इस दिन से लागू

ट्रैक्टर खरीदना पड़ेगा महंगा: महिंद्रा और स्वराज ने कीमत बढ़ाने का लिया फैसला, नए दाम इस दिन से लागू

ट्रैक्टर की कीमत बढ़ने का सीधा असर किसानों पर पड़ेगा. पहले ही खेती की लागत बढ़ रही है, बीज, खाद, डीजल और मजदूरी सब महंगे हो चुके हैं. अब ट्रैक्टर महंगा होने से किसानों के लिए नई मशीन खरीदना और मुश्किल हो सकता है. हालांकि ग्रामीण और कृषि क्षेत्र में ट्रैक्टर की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है.

ट्रैक्टर खरीदना पड़ेगा महंगा, एस्कॉर्ट्स कुबोटा ने कीमत बढ़ाने का किया ऐलान, 15 अप्रैल से कीमतों में इजाफा
Solar Trap Machine: फसल को कीटों से बचाएगी ICAR की नई तकनीक, सोलर एनर्जी से चलती है ये मशीन
ट्रैक्टर बाजार में महिंद्रा का दबदबा कायम, नवरात्रि के शुभ मुहूर्त पर किसानों ने खरीदे 45,000 से ज्यादा यूनिट
10 लाख का ट्रैक्टर अब सिर्फ 5 लाख में! सरकार दे रही 50 प्रतिशत सब्सिडी, जानें कैसे करें आवेदन
पपीता की फसल पर रिंग स्पॉट वायरस और जड़ गलन रोग का खतरा, एक्सपर्ट से जाने कैसे बचाएं फसल

पपीता की फसल पर रिंग स्पॉट वायरस और जड़ गलन रोग का खतरा, एक्सपर्ट से जाने कैसे बचाएं फसल

Papite Ki Kheti: पपीता की खेती में सबसे बड़ी चुनौती रिंग स्पॉट वायरस (PRSV) और जड़ गलन (Root Rot) जैसे रोग हैं. अप्रैल में रोपण करने से रोगों का खतरा कम होता है और फसल तेजी से बढ़ती है. वायरस के लिए नीम तेल का छिड़काव, रोगग्रस्त पौधों को हटाना और खेत में खरपतवार नियंत्रण जरूरी है. जड़ गलन से बचाव के लिए हेक्साकोनाजोल की मिट्टी में ड्रेंचिंग करनी चाहिए.

किसानों को बड़ी राहत, CM फडणवीस ने किया ऐलान.. इस नियम के तहत जल्द मिलेगा फसल मुआवजा
यूपी में अमरूद पर उकठा-नीमैटोड का हमला, बीमारी से बाग हो रहे बर्बाद… ICAR का एक्शन प्लान शुरू
अमरूद की खेती से होगी बंपर कमाई, बिहार सरकार दे रही है प्रति एकड़ 40 हजार तक की सब्सिडी
बासमती निर्यातकों ने जताई चिंता, कहा- कीटनाशकों की कीमतों में बढ़ोतरी से बढ़ा खेती का खर्च
गर्मी में पशुओं की वॉटर फीडिंग टाइमिंग सही होना जरूरी, कहीं घट न जाए दूध और बीमार न हो जाए पशु

गर्मी में पशुओं की वॉटर फीडिंग टाइमिंग सही होना जरूरी, कहीं घट न जाए दूध और बीमार न हो जाए पशु

Summer Management: गर्मी में पशुओं को सही समय पर साफ और ताजा पानी देना बेहद जरूरी है. पानी की कमी से डिहाइड्रेशन, पेट की बीमारी और दूध कम होने जैसी दिक्कतें बढ़ जाती हैं. विशेषज्ञ के अनुसार बार-बार थोड़ी मात्रा में पानी देने, छांव में रखने और चराई के बाद आराम देकर पानी पिलाने से पशु स्वस्थ रहते हैं.