सहकार से जुड़ें, कमाएं लाखों रुपये, जानिए Cooperative Society कैसे बनती है?

सहकार से जुड़ें, कमाएं लाखों रुपये, जानिए Cooperative Society कैसे बनती है?

क्या आप अपनी खुद की सहकारी समिति (Cooperative Society) शुरू करना चाहते हैं? इस वीडियो में जानिए कि को-ऑपरेटिव क्या होता है, इसे कैसे शुरू किया जाता है, रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया क्या है, किन दस्तावेजों की जरूरत होती है और इससे किसानों, महिलाओं, युवाओं तथा ग्रामीण उद्यमियों को क्या लाभ मिल सकता है।

सरकार ने जारी किया कंटीजेंसी प्लान, कम बारिश की चेतावनी..इन फसलों की खेती करने की अपील

तेलंगाना कृषि विभाग ने खरीफ 2026 के लिए कंटीजेंसी प्लान जारी कर अल नीनो के कारण कम बारिश की चेतावनी दी है. किसानों को धान जैसी ज्यादा पानी वाली फसलों की जगह कम पानी और कम अवधि वाली फसलें अपनाने की सलाह दी गई है. विभाग ने जलाशयों में कम पानी और भूजल स्तर गिरने की भी आशंका जताई है.

जीएम बीज के बिना दूसरे देश बेहतर दलहन पैदावार हासिल कर सकते हैं, तो हम क्यों नहीं?

जीएम बीज के बिना दूसरे देश बेहतर दलहन पैदावार हासिल कर सकते हैं, तो हम क्यों नहीं?

GM Seeds : सरकार दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रही है और आईसीएआर को जीएम बीजों की उम्मीद लगाए रहने की बजाय दूसरे देशों से सबक लेने को कहा है. कहा गया है कि जीएम बीजों के बिना दूसरे देश ज्यादा उत्पादन हासिल कर सकते हैं तो हम क्यों नहीं.

जंगली हाथियों के हमले से बचाएगा इनोबॉक्स, झारखंड के 12वीं छात्र ने बनाया खास एआई उपकरण
एक पेड़ में 42 किस्म के आम लगाने में सफलता मिली, वैज्ञानिकों ने दूसरे पौधों पर शोध शुरू किया
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UP के किसानों के लिए बड़ी खबर, कृषि यंत्रों पर सब्सिडी के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू, जान लें प्रक्रिया
Parwal Farming Tips: वैज्ञानिक तरीके से परवल की खेती कराएगी कमाई, 120 क्विंटल पैदावार होगी

Parwal Farming Tips: वैज्ञानिक तरीके से परवल की खेती कराएगी कमाई, 120 क्विंटल पैदावार होगी

परवल की खेती सही मिट्टी, संतुलित पोषण, समय पर सिंचाई और उन्नत तकनीक अपनाकर अधिक लाभ देने वाली फसल बन सकती है. कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर उत्पादन और किसानों की आय दोनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी संभव है.

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सामान्य बकरियों से क्यों अलग होती हैं हिमालयी बकरियां? विशेषज्ञ ने बताए सेहत और सुंदरता के राज

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हिमालयी बकरियां अपने रेशमी बाल, मजबूत शरीर और बेहतरीन फुर्ती के लिए प्रसिद्ध हैं. उनकी सेहत और आकर्षक बनावट के पीछे प्राकृतिक आहार, ठंडी जलवायु, नियमित चराई और आनुवंशिक गुणों की अहम भूमिका होती है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इसकी खास वजहें क्या हैं.