कोऑपरेटिव सोसाइटी कैसे बनाएं? IFFCO चेयरमैन दिलीप संघाणी ने बताया A टू Z प्रोसेस

कोऑपरेटिव सोसाइटी कैसे बनाएं? IFFCO चेयरमैन दिलीप संघाणी ने बताया A टू Z प्रोसेस

कोऑपरेटिव सोसाइटी आज किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए विकास का बड़ा माध्यम बन रही है. IFFCO चेयरमैन दिलीप संघाणी ने सहकारी संस्था बनाने की पूरी प्रक्रिया बताई है. जानिए कैसे सदस्य जुड़ते हैं, रजिस्ट्रेशन होता है और किस तरह सामूहिक प्रयासों से आय व रोजगार के नए अवसर मिलते हैं.

सीताफल के बीज से बनाया जैविक नैनो कीटनाशक, स्टोर में रखे अनाज को कीटों से बचाने में कारगर

डॉ. मनोज मीणा ने बताया कि यह शोध उनके पीएचडी कार्य का हिस्सा था. इसके तहत सीताफल के बीज के तेल से एक नैनो इमल्शन विकसित किया गया. उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह प्राकृतिक उत्पाद है और इसमें किसी भी प्रकार के रासायनिक घटकों का उपयोग नहीं किया गया है.

सीताफल के बीज से बनाया जैविक नैनो कीटनाशक, स्टोर में रखे अनाज को कीटों से बचाने में कारगर

सीताफल के बीज से बनाया जैविक नैनो कीटनाशक, स्टोर में रखे अनाज को कीटों से बचाने में कारगर

डॉ. मनोज मीणा ने बताया कि यह शोध उनके पीएचडी कार्य का हिस्सा था. इसके तहत सीताफल के बीज के तेल से एक नैनो इमल्शन विकसित किया गया. उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह प्राकृतिक उत्पाद है और इसमें किसी भी प्रकार के रासायनिक घटकों का उपयोग नहीं किया गया है.

जीएम बीज के बिना दूसरे देश बेहतर दलहन पैदावार हासिल कर सकते हैं, तो हम क्यों नहीं?
जंगली हाथियों के हमले से बचाएगा इनोबॉक्स, झारखंड के 12वीं छात्र ने बनाया खास एआई उपकरण
एक पेड़ में 42 किस्म के आम लगाने में सफलता मिली, वैज्ञानिकों ने दूसरे पौधों पर शोध शुरू किया
यूरोपीय डेयरी बाजार में पैठ बनाने के लिए एफएमडी मुक्त होंगे 9 राज्य, सरकार का मेगा प्लान
केला और मखाना के परिवहन में आएगी तेजी, किसानों का फल-सब्जी में नुकसान घटेगा, बिक्री बढ़ेगी

केला और मखाना के परिवहन में आएगी तेजी, किसानों का फल-सब्जी में नुकसान घटेगा, बिक्री बढ़ेगी

मौसमी बाढ़ अक्सर सड़क संपर्क को प्रभावित करती है, जिससे लोगों और सामान की आवाजाही धीमी हो जाती है और स्थानीय किसानों, पशुपालकों और ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है. फसलें बाढ़ में डूबकर सढ़ जाती हैं तो मवेशियों के लिए चारे का संकट पैदा होता.

धान से सोयबीन और मूंग तक.. 600 रुपये में कराएं बीमा, नुकसान होने पर मिलेंगे 1.5 लाख रुपये
मूंग-उड़द की बुवाई से पहले जरूर करें यह काम! नहीं तो रोग खा जाएंगे पूरी फसल
Chilli Leaf Curl Virus: मिर्च की खेती पर मंडराया खतरा, लीफ कर्ल वायरस से बचने के अचूक उपाय
धान की बंपर पैदावार चाहिए तो रोपाई से पहले जान लें ये जरूरी बातें, नहीं होगा नुकसान
बरसात में पशुओं पर मौत का खतरा! घुर-घुर और चर-चर की आवाज सुनते ही हो जाएं सतर्क

बरसात में पशुओं पर मौत का खतरा! घुर-घुर और चर-चर की आवाज सुनते ही हो जाएं सतर्क

बरसात के मौसम में गलघोंटू और लंगड़ी बुखार जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. समय पर टीकाकरण, साफ-सफाई, संतुलित आहार और शुरुआती लक्षणों की पहचान से मवेशियों को सुरक्षित रखा जा सकता है.