डेयरी सहकारिता से महिलाओं को मिली नई पहचान, दूध की कमाई से मजबूत हो रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था
डेयरी सहकारी समितियों से जुड़कर गांवों की महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं. पशुपालन और डेयरी विभाग के अनुसार दूध से होने वाली आय परिवार की जरूरतें पूरी करने, बच्चों की पढ़ाई और पोषण में मदद करती है. इससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिल रही है.
करण फ्राइज गाय की नस्ल को साल 1982 में विकसित किया गया था. इसे दुनिया की ज्यादा दूध देने वाली होल्स्टीन फ्राइजियन नस्ल और देशी थारपारकर गाय को क्रॉसब्रीड करके तैयार किया गया है. इस पर काम 1971 से शुरू हुआ था और कई पीढ़ियों तक वैज्ञानिक तरीके से ब्रीडिंग करने के बाद अब यह नस्ल पूरी तरह स्थिर हो चुकी है.
जॉन डियर ने भारत में लॉन्च किया पहला 130 HP का दमदार ट्रैक्टर, कीमत करीब 65 लाख रुपये
जॉन डियर का नया 130 HP ट्रैक्टर मुख्य रूप से उन किसानों को ध्यान में रखकर बनाया गया है जो बड़े खेतों में आधुनिक कृषि उपकरणों के साथ काम करते हैं. पंजाब, हरियाणा और कुछ अन्य राज्यों में बड़े स्तर की खेती के लिए इस तरह के शक्तिशाली ट्रैक्टरों की जरूरत होती है.
हिमाचल की फूलगोभी किस्म को मिली राष्ट्रीय मान्यता, देरी से बुवाई और 350 क्विंटल उत्पादन देने में सक्षम
नौणी विश्वविद्यालय के सब्जी विज्ञान विभाग ने फूलगोभी की नई और खास किस्म को विकसित किया है. कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल ने कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है. हमारे वैज्ञानिक कई अन्य किस्मों पर भी शोधपरक काम कर रहे हैं.
ICAR की सरकार से अपील, किसान करें ‘करण फ्राइज’ गाय का पालन.. 6000 लीटर तक देती है दूध
करण फ्राइज गाय की नस्ल को साल 1982 में विकसित किया गया था. इसे दुनिया की ज्यादा दूध देने वाली होल्स्टीन फ्राइजियन नस्ल और देशी थारपारकर गाय को क्रॉसब्रीड करके तैयार किया गया है. इस पर काम 1971 से शुरू हुआ था और कई पीढ़ियों तक वैज्ञानिक तरीके से ब्रीडिंग करने के बाद अब यह नस्ल पूरी तरह स्थिर हो चुकी है.