यूरिया घोटाला.. 266 वाली बोरी 1647 रुपये में बेचा जा रहा, ग्रेडिंग बदलकर खपाई जा रही नकली खाद

यूरिया घोटाला.. 266 वाली बोरी 1647 रुपये में बेचा जा रहा, ग्रेडिंग बदलकर खपाई जा रही नकली खाद

Urea Scam Haryana : यूरिया की ग्रेडिंग बदलकर बड़ा घोटाला किया जा रहा है. दिल्ली की फर्म ने हरियाणा की सहकारी संस्था हैफेड के कर्मचारियों से मिलीभगत करके कृषि में इस्तेमाल की जाने वाली यूरिया को औद्योगिक इस्तेमाल के लिए बेचते पकड़े गए हैं.

4691 गन्ना किसानों की खुली किस्मत, अब सिर्फ फसल नहीं, चीनी मिल के मुनाफे में भी मिलेगी हिस्सेदारी

Chhattisgarh Sugarcane Farmers: छत्तीसगढ़ सरकार ने 4,691 गन्ना किसानों को शेयर प्रमाणपत्र देकर उन्हें भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना का शेयरधारक बना दिया है. इसके बाद मिल में शेयरधारक किसानों की संख्या करीब 23 हजार हो गई है.

आम-केला हो जाते हैं मीठे, फिर नींबू क्यों रह जाता है खट्टा? वैज्ञानिक ने खोला बड़ा राज

आम-केला हो जाते हैं मीठे, फिर नींबू क्यों रह जाता है खट्टा? वैज्ञानिक ने खोला बड़ा राज

नींबू पकने के बाद भी खट्टा क्यों रहता है, इसके पीछे वैज्ञानिक कारण छिपे हैं. कृषि विशेषज्ञ के अनुसार नींबू एक नॉन-क्लाइमैक्टेरिक फल है, जिसमें एथिलीन का प्रभाव कम होता है. इसमें साइट्रिक एसिड की मात्रा अधिक और स्टार्च कम होता है, इसलिए पकने के बाद भी इसका स्वाद खट्टा बना रहता है.

अब किसानों को नहीं करनी पड़ेगी मशक्कत, ड्रोन तकनीक से मिनटों में होगा पूरे खेत का कीटनाशक छिड़काव
सब्जियां बेचकर 8 लाख कमा रहे किसान नरेश भट्ट, लहसुन-मिर्च की मॉडर्न फार्मिंग से बढ़ी कमाई
आम की गुठली से तैयार होगा बटर ऑयल और दवा, बिहार के कृषि वैज्ञानिकों ने निकाला नया फॉर्मूला
समस्या का समाधान अब एक ही प्लेटफॉर्म पर, घर बैठे मिलेगा मौसम और मंडी का पूरा अपडेट
धान खरीद के तीन महीने बीत जाने के बाद भी नहीं हुआ भुगतान, आर्थिक संकट से जूझ रहे किसान

धान खरीद के तीन महीने बीत जाने के बाद भी नहीं हुआ भुगतान, आर्थिक संकट से जूझ रहे किसान

तमिलनाडु के मदुरै में 50 से अधिक किसानों को सांबा धान बेचने के कई महीने बाद भी भुगतान नहीं मिला है. करीब 1 करोड़ रुपये की राशि बकाया है. किसानों का कहना है कि इससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है, जबकि कृषि विभाग ने अगले सप्ताह तक सभी बकाया भुगतान जारी करने का भरोसा दिया है.

मॉनसून ने बदली तस्वीर, मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र तक सरकारी आंकड़ों से आगे निकली सोयाबीन की बुआई
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कम लागत में बढ़ाएं दूध उत्पादन! सूडान चरी की एक बुवाई से कई बार मिलेगा पौष्टिक हरा चारा

कम लागत में बढ़ाएं दूध उत्पादन! सूडान चरी की एक बुवाई से कई बार मिलेगा पौष्टिक हरा चारा

पशुपालकों के लिए सूडान चरी कम लागत में अधिक फायदा देने वाला हरा चारा माना जाता है. इसकी एक बार बुवाई करने पर लगभग 25 दिन के अंतराल में कई बार कटाई की जा सकती है. विशेषज्ञों के अनुसार, भूसे के साथ संतुलित मात्रा में खिलाने से पशुओं की सेहत बेहतर रहती है और दूध उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है.