कभी सूनी होती गंगा, 50 साल बाद मछलियों से गुलजार…230 प्रजातियों का रिकॉर्ड
ICAR-CIFRI द्वारा किए गए ताजा सर्वे में गंगा नदी के अलग-अलग हिस्सों में कुल 230 मछली प्रजातियां दर्ज की गई हैं. यह संख्या बीते पांच दशकों में सबसे अधिक है. इतिहास पर नजर डालें तो 1822 में पहली बार हुए सर्वे में गंगा में 271 प्रजातियां पाई गई थीं.
क्या आप भी फेंक देते हैं लकड़ी की राख? ये जादुई नुस्खा आपकी बंजर मिट्टी को भी बना देगा बेशकीमती
लकड़ी की राख को अब बेकार समझना छोड़ दें. पोटैशियम और कैल्शियम से भरपूर यह प्राकृतिक खाद मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और पौधों की पैदावार बढ़ाने में रामबाण साबित हो रही है. बिना किसी केमिकल के अपने किचन गार्डन को हरा-भरा रखने का यह सबसे सस्ता और असरदार तरीका है, जो मिट्टी और पर्यावरण दोनों के लिए सुरक्षित है.