तोरई की अच्छी पैदावार के लिए क्या जरूरी है?

55 लाख हेक्टेयर सूखा क्षेत्र में सिंचाई सुविधा पहुंची, गाय पालकों को 10 लाख रुपये देने की योजना शुरू

55 लाख हेक्टेयर सूखा क्षेत्र में सिंचाई सुविधा पहुंची, गाय पालकों को 10 लाख रुपये देने की योजना शुरू

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है. शासकीय गौ-शालाओं के लिए प्रति गाय अनुदान बढ़ाकर 40 रुपए कर दिया है. वहीं, गाय पालकों के लिए 10 लाख रुपये मदद देने की शुरुआत की गई है.

केंद्र की राजनीति में एंट्री करेंगे नीतीश कुमार.. डिप्टी पीएम बनने की संभावना, बेटे को बिहार कैबिनेट में मिलेगी सीट?

Nitish Kumar Politics: बिहार की राजनीति फिर करवट ले रही है. सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले से उनके समर्थकों में निराशा है और बिहार नहीं छोड़ने की अपील कर रहे हैं. वहीं, राजनीतिक पंडितों ने केंद्र की राजनीति में भी बड़े बदलाव की संभावना जताई है.

खेती-किसानी को लगेंगे पंख.. एग्रीकल्चर सेक्टर में 156 नए स्टार्टअप शुरू, कृषि लागत घटाने और उपज बढ़ाने में मिली मदद 

खेती-किसानी को लगेंगे पंख.. एग्रीकल्चर सेक्टर में 156 नए स्टार्टअप शुरू, कृषि लागत घटाने और उपज बढ़ाने में मिली मदद 

Agriculture Startups: उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक और संस्थागत समर्थन से जोड़ने की दिशा में तेज प्रगति दर्ज की गई है. प्रदेश में 156 पंजीकृत कृषि स्टार्टअप सक्रिय हैं, जो किसानों को क्रेडिट सुविधा, सलाहकार सेवाएं और डिजिटल समाधान उपलब्ध करा रहे हैं.

खारे पानी से खराब होती मिट्टी और फसलों को बचाने वाला यंत्र बनाया, किसान दिलीप सिंह को मिला अवॉर्ड
काला धुआं दे रहा है खतरे का संकेत! ट्रैक्टर इंजन की इन समस्याओं को न करें नजरअंदाज
भारत-इजरायल समझौते से मछली किसानों की बढ़ेगी कमाई, नई तकनीक सीधे गांवों तक पहुंचेगी और उत्पादन बढ़ेगा
ICAR ने शुरू की नई पहल, अब सीमांत किसान भी कर सकेंगे बड़ी-बड़ी मशीनों से खेती.. आय में होगा इजाफा
Jaivik Khad: मुफ्त का फॉर्मूला, दमदार असर! गोबर-गोमूत्र से तैयार टॉनिक बनेगा फसल का रक्षक

Jaivik Khad: मुफ्त का फॉर्मूला, दमदार असर! गोबर-गोमूत्र से तैयार टॉनिक बनेगा फसल का रक्षक

रासायनिक खाद के बढ़ते खर्च के बीच किसान अब गोबर और गोमूत्र से बने पंचगव्य को अपना रहे हैं. यह देसी जैविक टॉनिक घर पर आसानी से तैयार हो जाता है. इसके उपयोग से फसल की बढ़वार तेज होती है, मिट्टी की सेहत सुधरती है और लागत कम होती है.

Home Gardening: मार्च में करें ये खास तैयारी, गर्मियों में फूलों से लद जाएगी मधुमालती की बेल
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Artificial Insemination: क्यों जरूरी है गायों में कृत्रिम गर्भाधान? जानिए हीट के लक्षण और सही समय

Artificial Insemination: क्यों जरूरी है गायों में कृत्रिम गर्भाधान? जानिए हीट के लक्षण और सही समय

गायों में गर्भधारण न होना दूध उत्पादन और आय पर सीधा असर डालता है. सही समय पर कृत्रिम गर्भाधान, बेहतर नस्ल और ज्यादा दूध का रास्ता खोल सकता है. हीट के लक्षण पहचानकर तय समय पर प्रक्रिया कराई जाए तो सफलता की संभावना बढ़ती है और पशुपालकों को अच्छा फायदा मिलता है.