मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और रोजगार से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए है. इन फैसलों का सीधा असर खेती-किसानी और इससे जुड़े विभागों पर पड़ने वाला है. खास तौर पर कृषि विभाग-डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग में होने वाली बहाली से सरकारी कामकाज को गति मिलेगी.
Low Cost Polyhouse: कम खर्च में तैयार करें पॉलीहाउस.. जानें लागत और कमाई का पूरा हिसाब
बदलते मौसम और बेमौसम बारिश के दौर में पॉलीहाउस खेती किसानों के लिए मुनाफे की गारंटी बन गई है. कम लागत वाली तकनीक, स्थानीय संसाधनों और सरकारी सब्सिडी के जरिए अब छोटे किसान भी कम निवेश में साल भर प्रीमियम फसलें उगा सकते हैं. सही देखभाल और फसल चुनाव से यह मॉडल दो साल में लागत वसूल कर देता है.
कचरे को काले सोने में बदल देगी यह खास मक्खी, पशुपालन और खेती में लागत घटाकर किसानों को बनाएगी मालामाल!
आज के दौर में ब्लैक सोल्जर फ्लाई किसानों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है. यह नन्ही मक्खी न केवल कचरे का निपटारा कर उसे बेहतरीन जैविक खाद में बदलती है, बल्कि पशुपालन में महंगे फीड का सस्ता और पौष्टिक विकल्प भी देती है. कम लागत और अधिक मुनाफे वाली इस तकनीक की पूरी जानकारी यहां पढ़ें.
सब्सिडी वाले कृषि-ग्रेड यूरिया का नहीं होगा औद्योगिक इस्तेमाल, कृषि विभाग ने सख्त की निगरानी
यमुनानगर जिले में प्लाईवुड उद्योगों में यूरिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए कृषि विभाग ने विशेष निगरानी शुरू की. MFMB पोर्टल और IFMS के जरिए सब्सिडी वाले यूरिया का सही वितरण सुनिश्चित किया गया. किसान जागरूकता और निरीक्षण से अवैध बिक्री और पैनिक खरीद पर रोक लगी.