आंध्र प्रदेश सरकार ने पेश किया कृषि बजट, 53752 करोड़ होंगे खर्च.. इन योजनाओं को मिलेगा बढ़ावा
आंध्र प्रदेश ने कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए 53,752 करोड़ रुपये का बजट पेश किया. इसमें सिंचाई, बिजली, माइक्रो इरिगेशन और किसानों की आर्थिक सहायता शामिल है. ‘स्वर्णांध्र-2047’ विजन के तहत 11 फसलें और फार्मर एग्रीटेक तकनीक अपनाकर उत्पादन बढ़ाने और लागत घटाने पर जोर दिया गया है.
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लुधियाना जिला अब वायरस-रहित और रोग-प्रतिरोधी आलू बीज का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है. वैज्ञानिकों और किसानों की हाई-टेक बैठक में इन-सीटू मिश्रण, मुल्चिंग और प्रिसिजन मशीनरी जैसी तकनीकों को अपनाने से उत्पादन बढ़ा और पर्यावरण पर असर कम हुआ. कोल्ड सप्लाई चेन से बीज गुजरात, कर्नाटक और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जा रहे हैं.
नमो ड्रोन दीदी योजना का कमाल.. खेती में ड्रोन के इस्तेमाल से महिला ने कमाए 9 लाख रुपये, कई और बनीं लखपति
जिला पंचायत खंडवा के सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने कहा कि इफको और एनएफएल के सहयोग से चार विकासखंडों में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का चयन कर उन्हें भोपाल और ग्वालियर में 15 दिन का प्रशिक्षण दिलाया गया. प्रशिक्षण और परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद महिलाओं को ड्रोन उपलब्ध कराए गए.
Tip Of The Day: बछिया बड़ी हो गई, फिर भी नहीं दे रही बच्चा? किसानों की ये बड़ी गलती हो सकती है वजह!
Infertility In Dairy Animals: कई बार गाय और भैंस उम्र पूरी करने के बाद भी गर्भधारण नहीं कर पातीं, जिसे बांझपन कहा जाता है. इसका मुख्य कारण कम वजन, पोषण की कमी और हार्मोनल गड़बड़ी हो सकता है. संतुलित आहार, मिनरल मिक्सचर, सही समय पर गर्भाधान और पशु चिकित्सक की सलाह से इस समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकता है. सही देखभाल से पशु स्वस्थ रहते हैं और दूध उत्पादन भी बढ़ता है.
लुधियाना बना वायरस रहित आलू बीज का केंद्र, पैदावार में बढ़ोतरी की उम्मीद.. इन राज्यों में सप्लाई बढ़ी
लुधियाना जिला अब वायरस-रहित और रोग-प्रतिरोधी आलू बीज का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है. वैज्ञानिकों और किसानों की हाई-टेक बैठक में इन-सीटू मिश्रण, मुल्चिंग और प्रिसिजन मशीनरी जैसी तकनीकों को अपनाने से उत्पादन बढ़ा और पर्यावरण पर असर कम हुआ. कोल्ड सप्लाई चेन से बीज गुजरात, कर्नाटक और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जा रहे हैं.