आंध्र प्रदेश सरकार ने पेश किया कृषि बजट, 53752 करोड़ होंगे खर्च.. इन योजनाओं को मिलेगा बढ़ावा
आंध्र प्रदेश ने कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए 53,752 करोड़ रुपये का बजट पेश किया. इसमें सिंचाई, बिजली, माइक्रो इरिगेशन और किसानों की आर्थिक सहायता शामिल है. ‘स्वर्णांध्र-2047’ विजन के तहत 11 फसलें और फार्मर एग्रीटेक तकनीक अपनाकर उत्पादन बढ़ाने और लागत घटाने पर जोर दिया गया है.
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Ganne Ki Kheti: देशभर में बसंत कालीन गन्ने की बुवाई का समय शुरू हो चुका है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार 10 फरवरी से 31 मार्च के बीच गन्ने की बुवाई करना सबसे उपयुक्त रहता है. इस दौरान तापमान और नमी फसल के अनुकूल होते हैं, जिससे अंकुरण अच्छा होता है और उत्पादन बेहतर मिलता है. अच्छी पैदावार के लिए खेत की सही तैयारी बेहद जरूरी है. बुवाई से पहले गहरी जुताई करें और मिट्टी को भुरभुरी व समतल बनाएं, ताकि सिंचाई का पानी सभी पौधों तक बराबर पहुंचे.
मशीन लगाकर दाल बनाएं, ब्रांडिंग करें और ज्यादा कमाई पाएं.. कृषि मंत्री ने किसानों को समझाया बिजनेस मॉडल
Agriculture Machine: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खेती के लिए मशीन चाहिए. इस साल इतने ट्रैक्टर बिके की दुनिया चकित रह गई. ट्रैक्टर बिक्री में भारत दुनिया में सबसे आगे है. उन्होंने कहा कि खेती-किसानी में तकनीक और मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ाने का समय आ गया है.
मौसम बदलते ही बीमार पड़ रही हैं मुर्गियां? पोल्ट्री फार्म बचाने के लिए तुरंत जानें ये जरूरी टिप्स!
Poultry Farming: बदलते मौसम का असर मुर्गियों की सेहत और अंडा उत्पादन पर पड़ता है. तापमान में उतार-चढ़ाव से बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, खासकर छोटे चूजों में. मुर्गी पालकों को शेड का तापमान संतुलित रखना, साफ पानी और पौष्टिक आहार देना, नियमित सफाई और समय पर टीकाकरण करवाना बेहद जरूरी है. सही देखभाल से नुकसान से बचा जा सकता है.
लुधियाना बना वायरस रहित आलू बीज का केंद्र, पैदावार में बढ़ोतरी की उम्मीद.. इन राज्यों में सप्लाई बढ़ी
लुधियाना जिला अब वायरस-रहित और रोग-प्रतिरोधी आलू बीज का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है. वैज्ञानिकों और किसानों की हाई-टेक बैठक में इन-सीटू मिश्रण, मुल्चिंग और प्रिसिजन मशीनरी जैसी तकनीकों को अपनाने से उत्पादन बढ़ा और पर्यावरण पर असर कम हुआ. कोल्ड सप्लाई चेन से बीज गुजरात, कर्नाटक और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जा रहे हैं.