ब्लैक थ्रिप्स से आम की फसल प्रभावित.. उत्पादन कम होने से कीमतों में बढ़ोतरी, 23000 रुपये क्विंटल रेट
आंध्र प्रदेश में इस साल आम की फसल घटने से कीमतें बढ़ गई हैं. ब्लैक थ्रिप्स कीट और बारिश ने कई जिलों में उत्पादन 50 फीसदी तक घटाया है. रेड्डीगुडेम में प्रीमियम बंगनपल्ली आम 2.30 लाख रुपये प्रति टन बिके. सीजन की शुरुआत में 200 टन आम निर्यात किए गए, लेकिन आवक कम और देर से हुई.
अब मशीनें करेंगी नारियल छीलने का काम, सहकारी संस्था ने किसानों को राहत और उत्पादन बढ़ाने के लिए शुरू की नई पहल
इस पहल का सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिलने वाला है. संस्था का कहना है कि उनका उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाना है. नई तकनीक के जरिए उत्पादन लागत कम होगी और काम तेजी से होगा, जिससे किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है.
Crop Damage: उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है. करीब 4300 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फसलें प्रभावित हुई हैं, जिससे हजारों किसानों की मेहनत पर असर पड़ा है. इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने प्रभावित किसानों को राहत देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और उनकी समस्याएं सुनने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है, ताकि वे आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करा सकें.
10 लाख का ट्रैक्टर अब सिर्फ 5 लाख में! सरकार दे रही 50 प्रतिशत सब्सिडी, जानें कैसे करें आवेदन
Tractor Subsidy Scheme: झारखंड सरकार किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है. अब 50% सब्सिडी पर आधुनिक ट्रैक्टर और कृषि उपकरण मिलेंगे, जिससे खेती आसान और सस्ती हो जाएगी. इस योजना से छोटे और मध्यम किसानों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा और उनकी आय में बढ़ोतरी होगी.
नींबू में फूल आते ही किसान हो जाएं सतर्क, न दें ज्यादा पानी और खाद.. घट सकती है पैदावार
नींबू के पौधों में फूल आने की अवस्था सबसे नाजुक होती है. इस समय ज्यादा पानी, जलभराव या रासायनिक खाद से फूल झड़ सकते हैं. हल्की सिंचाई, मिट्टी की गुड़ाई और समय पर कीट नियंत्रण करने से फूल सुरक्षित रहते हैं. इससे फल अच्छी तरह बनते हैं और पैदावार बढ़ने की उम्मीद मजबूत होती है.
गर्मी में दुधारू पशुओं की इस तरह करें देखभाल, नहीं घटेगा दूध उत्पादन.. जानें पशु चिकित्सक की सलाह
Dairy Farming: गर्मियों में तेज गर्मी और लू का असर दुधारू पशुओं पर साफ दिखने लगता है, जिससे दूध उत्पादन घट सकता है. ऐसे में सही देखभाल बेहद जरूरी है. ठंडी छांव, साफ पानी, संतुलित आहार और नहलाने जैसे आसान उपाय अपनाकर पशुओं को स्वस्थ रखा जा सकता है और दूध उत्पादन को बेहतर बनाए रखा जा सकता है.